HomeIndiaRatan Tata Net Worth : रतन टाटा अपने पीछे छोड़ गए इतने...

Ratan Tata Net Worth : रतन टाटा अपने पीछे छोड़ गए इतने हजार करोड़ की संपत्ति, ये होगा अगला उत्तराधिकारी

WhatsAppJoin WhatsApp GroupJoin Now
TelegramJoin Telegram ChannelJoin Now

Ratan Tata Net Worth : बिजनेस जगत में तहलका मचाने वाले सुप्रसिद्ध उद्योगपति टाटा संस के पूर्व अध्‍यक्ष रतन टाटा का 9 अक्टूबर की देर रात निधन हो गया. 

वह 86 साल के थे. रतन टाटा ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांसें लीं. रतन टाटा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है।

टाटा संस को कामयाबी के शिखर पर पहुंचाने से लेकर टाटा नैनो से ऑटोमोटिव क्षेत्र में इतिहास रचने वाले रतन टाटा ने एक के बाद एक कई बु‍लंदियों को छुआ.

🚨 बाद में पछताने से बचें! 90% होशियार छात्र यहाँ पहले ही जुड़ चुके हैं 😱

⚡ सरकारी नौकरी, BRABU और वर्क फ्रॉम होम अपडेट सीधे अपने फ़ोन पर पाएं

📌 फ्री में जुड़ेWhatsAppTelegram
Sarkari NaukriJoinJoin
BRABU NewsJoinJoin

✅ 100% Free • ✅ Fast Alerts • ✅ No Spam

आइए जानते हैं कि रतन टाटा अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए हैं और कौन अब उनकी संपत्ति का उत्तराधिकारी होगा।

यह भी पढ़े :  Bihar Post Matric Scholarship 2026-27 Apply Online : आवेदन प्रक्रिया शुरू

नहीं रहे मशहूर उद्योगपति रतन टाटा, 86 साल की उम्र में ली आखिरी सांस | Ratan Tata Passed Away

Bihar Gram Kachhari Nayaya Mitra Vacancy 2024 : ग्राम कचहरी सचिव और न्याय मित्र के 3810 पदों पर भर्ती शुरू, योग्यता 12वीं पास

3800 करोड़ की संपत्ति के थे मालिक रतन टाटा

आपके जानकारी के लिए बताते चलें की रतन टाटा की कुल संपत्ति करीब 3800 करोड़ रुपए हैं। वहीं इसका आंकलन वर्ष 2022 में किया गया था.

IIFL Wealth Hurun India Rich List में 421 वें स्थान पर मिला था. रतन टाटा भारत के सबसे प्रभावशाली उद्यमियों में से एक थे,

वह दूसरे शीर्ष अधिकारियों की तुलना में हमेशा मामूली सैलरी लेते थे. रतन टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष के रूप में, उनका वार्षिक सैलरी लगभग ₹2.5 करोड़ मिलता था।

Whatsapp पर जुड़ेTelegram पर जुड़े
Google NewsWhatsapp Channel
Home PageNaukri News


दान में खर्च करते थे कमाई का अधिकतम हिस्सा

आपको बताते चलें की टाटा ग्रुप के चेयरमैन रह चुके रतन टाटा ने भारत में बिजनेस का मतलब ही बदल दिया है। रतन टाटा अपनी कमाई का ज्यादा हिस्सा दान में खर्च करते थे.

यह भी पढ़े :  BRABU UG 5th Semester Internship: अंतिम मौका! फास्ट ट्रैक से मात्र 5 दिन में मिलेगी इंटर्नशिप सर्टिफिकेट, जल्दी करें रजिस्ट्रेशन

वह हमेशा लोगों और समाज की भलाई करते थे था. यही वजह है कि उनकी नेटवर्थ उनके प्रभावशाली व्‍यक्तित्‍व औऱ कंपनी के बिजनेस के मुकाबले काफी कम है.

रतन टाटा ने समाज सेवा करने के लिए टाटा ट्रस्ट बनाया,, जिसमें वह अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा परोपकार पर खर्च करते थे.

बता दें टाटा ट्रस्ट हेल्थकेयर, एजुकेशन और रूरल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करती है. 

मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ निधन

रतन टाटा का निधन बुधवार की देर रात Breach Candy Hospital, Mumbai में हुआ. उनकी अचानक तबियत बिगड़ने की वजह से उन्‍हें आईसीयू में रखा गया था.

यह भी पढ़े :  Reliance Jio Work From Home Jobs 2026: Jio दे रहा Part Time Job करने का मौक़ा

वह डॉक्‍टरों की निगरानी में थे, लेकिन अचानक देर रात उन्‍होंने दम तोड़ दिया. आपको बताते चलें की रतन टाटा का जन्म 1937 में एक चर्चित पारसी परिवार में हुआ था.

उनके पिता नवल टाटा और मां सूनी टाटा थीं. उन्होंने शादी नहीं की थी. 

Top 5 Government Scholarships in India : कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए टॉप 5 सरकारी स्कॉलरशिप

Bihar Graduation Scholarship Payment Status 2024 : छात्राओं के खाते में आये 50 हजार रुपये, यहां से चेक करें अपना स्टेटस

Bihar News : इस मंदिर में माता अपने भक्तों को आशीर्वाद में देती है सरकारी नौकरी

कौन होगा रतन टाटा का अगला उत्तराधिकारी?

Maya Tata को टाटा समूह की संपत्तियों का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है और रतन टाटा उन्हें समूह का नेतृत्व करने के लिए तैयार कर रहे थे।

माया, रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा और टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की बहन आलू मिस्त्री की बेटी हैं।

Whatsapp पर जुड़ेTelegram पर जुड़े
Google NewsWhatsapp Channel
Home PageNaukri News

🚨 अब कोई भी सरकारी जॉब अपडेट आपसे नहीं छूटेगी!

⚡ रोज़ाना ऐसी ही काम की जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर पाएं। फ्री में जल्दी जुड़े

📌 फ्री में जुड़ेWhatsAppTelegram
Sarkari NaukriJoinJoin
BRABU NewsJoinJoin

✅ Trusted Community • ✅ Fast Alerts • ✅ No Spam

एस.के. जैन
एस.के. जैनhttps://nearnews.in/author/suryalalkumar/
पिछले 6 सालों से अपनी लेखनी का छाप छोड़ते आये सूर्यालाल कुमार जैन मोतीपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार के रहने वाले है। बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर से बीकॉम से अकाउंट हॉनर्स करने के बाद आजकल मुजफ्फरपुर, बिहार मे रहते हुए स्वतंत्र लेखन कार्य के प्रति समर्पित है। बीआरएबीयू लेटेस्ट खबर, एडमिट कार्ड, रिजल्ट, सरकारी नौकरी सहित अन्य सभी विषयों पर समीक्षात्मक लेखनी के लिए सूर्यालाल कुमार जैन जाने जाते है।
RELATED ARTICLES

Most Popular