Pind Daan In Gaya : हमेसा से ही हिंदू धर्म मे श्राद्ध पक्ष के दौरान चलने वाले समय को काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इस दौरान होने वाले सभी कार्य हमारे पितरों को समर्पित रहता है। यह मान्यता है कि इस दौरान अगर कोई गया में पिंडदान करते है, तो उनके पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति मिलती है। आपके मन मे कभी न कभी यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर गया में पिंडदान क्यो किया जाता है? ( Pind Daan Gaya me Hi kyo kiya jata hai ) आज के इस लेख में हम आपको इससे जुड़े हुए प्राचीन परंपराओं के साथ-साथ पौराणिक कथा के बारे में भी बताएंगे जिससे आप इसके महत्व को और अच्छे से समझ जाएंगे।
Table of Contents
गया में पिंडदान का महत्व क्यों है? Pind Daan Gaya me kyo kiya jata hai
भारत ऋषि मुनियों के आदर्शों पर चलने वाला देश रहा है, यहां पर अनेक ग्रंथ हैं उन ग्रंथो में कई पौराणिक कथा हैं उन्ही कथाओं के मुताबिक, “गयासुर नामक एक राक्षस ने कठिन तपस्या करके ब्रह्मा जी से यह वरदान मांग लिया था कि उनको देखने मात्र से ही पवित्र हो जाते थे और उनको स्वर्ग की प्राप्ति हो जाती थी। गयासुर की इस शक्ति की वजह से पृथ्वी की संतुलन बिगड़ने लगी, जिसके कारण देवता काफी चिंतित हो गए। तब सभी देवी देवतायें भगवान विष्णु से सहायता मांगी। गयासुर से भगवान विष्णु ने यज्ञ के लिए अपना शरीर समर्पित करने का आग्रह किया, जिसको गयासुर ने स्वीकार कर लिया था।
🚨 90% Students यह Secret WhatsApp Channel Join नहीं करते… बाद में पछताते हैं 😱
⚡ नई सरकारी नौकरी, Admit Card, Result, Scholarship और BRABU Notice सबसे पहले पाने वाले हजारों स्टूडेंट्स पहले से जुड़े हुए हैं
⏰ आप भी तुरंत Join करें और पायें सभी लेटेस्ट जानकारी 👇
✅ Free Join • ✅ Instant Alert • ✅ No Spam • ✅ Daily Vacancy Updates

यज्ञ संपन्न हो जाने के बाद भगवान विष्णु ने गयासुर को मोक्ष का वरदान दिया और साथ ही यह भी कहा कि जिस स्थान पर उसका शरीर फैलेगा, वह स्थान हमेशा पवित्र माना जायेगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने पितरों का पिंडदान करने पर उनके पूर्वज जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति करेंगे। ऐसी मान्यता है कि तभी से इस स्थान का नाम “गया” पड़ गया था।
यह भी पढ़े…
- Pitru Paksha 2024 : तरक्की चाहिए तो अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए जरूर करें यह काम
- Pitru Paksha 2024: अशुभ है साल 2024 का पितृपक्ष, दुनियाभर में दिख सकती है इसका बुरा असर
- Business Idea: मात्र 10 हजार में शुरू करें यह डिमांडिंग बिजनेस, होगी लाखों में कमाई
- Royal Enfield की बत्ती गुल करने आया BSA Gold Star 650, कम कीमत और फीचर्स जबरदस्त
- Best Detox Drink For Liver : इस डिटॉक्स ड्रिंक से करें अपने लिवर में जमी गंदगी का सफाया
भगवान राम भी किये थे पिंडदान
पौराणिक धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, त्रेता युग के समय प्रभु श्री राम जी भी अपने भगवान तुल्य पिता दशरथ जी का पिंडदान फल्गु नदी के किनारे गया में ही किये थे। इस घटना के उपरांत से गया पिंडदान के लिए काफी पवित्र स्थान माने जाने लगा, जहां पर लोग अपने पितरों के आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए यहां अनुष्ठान करते हैं।
📢 यह Update हर स्टूडेंट तक नहीं पहुँचता… पहले Join करने वाले को ही फायदा मिलता है 🚀
🔥 Sarkari Job, Admit Card, Result, Scholarship और BRABU Update सबसे पहले पाने के लिए अभी तुरंत नीचे लिंक पे क्लिक कर जुड़ें
⚡ देर करने वाले अक्सर महत्वपूर्ण अपडेट मिस कर देते हैं 👇
✅ Fast Update • ✅ Free Join • ✅ Daily Alerts • ✅ Trusted Community
इस वजह से गया में पिंडदान का महत्व पौराणिक समय से ही बना हुआ हैं, और श्रद्धालु यहां पर आकर अपने देव तुल्य पितरों के लिए यह धार्मिक कार्य करते हैं ताकि उनके पितरों को मोक्ष प्राप्ति हो सकें।

Join WhatsApp Group
Join Telegram Channel