HomeLatest NewsCordyceps Farming Business : घर बैठे होगी 30 लाख की कमाई, शुरू...

Cordyceps Farming Business : घर बैठे होगी 30 लाख की कमाई, शुरू करें इस जड़ी-बूटी की खेती

Cordyceps Farming Business : हर महीने सुमन करीब 20 से 30 लोगों को इसकी खेती की ट्रेनिंग देती हैं. इसके अलावा वह उनके लिए लैब बनाने में भी सहायता करती हैं. ट्रेनिंग देने के लिए वह एक व्यक्ति 15 हजार रुपये लेती हैं.

WhatsAppJoin WhatsApp GroupJoin Now
TelegramJoin Telegram ChannelJoin Now

Cordyceps Farming Business : आपने तो घर पर खेती के बारे में कभी ना कभी सुना ही होगा. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि घर पर जड़ी-बूटी उगाई जा सकती है. अगर सुना भी है तो बहुत कम. आपको बता दें सुमन सुखीजा जो दिल्ली की रहने वाली है. आज एक खास प्रकार की जड़ी-बूटी का बिजनेस करके लाखों रुपये की आमदनी कर रही हैं. सुमन कॉर्डिसेप्स मशरूम की खेती करती हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इसे हिंदी में ‘कीड़ा जड़ी’ के नाम से भी जाना जाता है. प्राचीन काल से ही कीड़ा जड़ी अपने औषधीय गुणों के लिए प्रचलित है. मूल रूप से यह जड़ी बूटी भारत, नेपाल, भूटान और चीन के हिमालयी क्षेत्र में 3300 मीटर से 4,500 मीटर के बीच उन पहाड़ी इलाकों में उगती है, जहां बर्फ पिघलती है.

यह भी पढ़े :  UPSSSC Forest Guard Vacancy 2026: 12वीं पास को 708 पदों पर भर्ती, योग्यता सिलेबस और सैलरी यहाँ देखें

घर से शुरू करें ‘कीड़ा जड़ी’ की खेती का बिज़नेस

सुमन जी ने बताया कि पहले वह अधिकांश घर पर खाली ही रहती थीं. ऐसे में उनके मन में कोई व्यवसाय शुरू करने का विचार आया. उन्होंने साल 2018 में हरियाणा के मुरथल में HAIC मशरूम और कृषि विकास केंद्र से मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण लिया.

🚨 बाद में पछताने से बचें! 90% होशियार छात्र यहाँ पहले ही जुड़ चुके हैं 😱

⚡ सरकारी नौकरी, BRABU और वर्क फ्रॉम होम अपडेट सीधे अपने फ़ोन पर पाएं

📌 फ्री में जुड़ेWhatsAppTelegram
Sarkari NaukriJoinJoin
BRABU NewsJoinJoin

✅ 100% Free • ✅ Fast Alerts • ✅ No Spam

उन्होंने बटन मशरूम की खेती के बारे में जानने के दौरान कॉर्डिसेप्स मिलिटेरिस के बारे में भी सुना. आपको बता दें यह औषधीय गुणों वाला कवक हिमालय में पाया जाता है. लेकिन अच्छी बात यह है कि इसे प्रयोगशाला में भी उगाया जा सकता है. इसे हिंदी में ‘कीड़ा जड़ी’ कहते है.

Cordyceps Farming Business : सुमन ने घर से की शुरुआत

सुमन ने प्रशिक्षण लेने के बाद अपने घर के एक कमरे में लैब बनाई. सुमन बताती हैं कि साल 2018 में 200 वर्ग फीट में लैब बनाने में उन्हें लगभग 4 लाख रुपये लगें. उन्होंने कल्चर थाईलैंड से खरीदा है.

आपको बता दें यह कल्चर कॉर्डिसेप्स उगाने का आधार या बीज है. यह ठोस होने के साथ 3 इंच की पेट्री डिश में आता है. अब सुमन इसे 93 हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचती हैं. वह सालाना इसे बेचकर लगभग 30-32 लाख रुपये तक कमा रही हैं.

यह भी पढ़े :  BRABU UG 4th Merit List 2026-30(OUT), 45 हजार छात्रों का इंतज़ार खत्म, 1 क्लिक में जल्दी देखें अपना नाम
Cordyceps Farming Business
Oplus_131072

यह भी पढ़ें…..

ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं

हम आपको बताना चाहते हैं कि, आपको इस खेती (Cordyceps Farming Business) में ज्यादा मेहनत या समय नहीं लगाना पड़ेगा. सुमन बताती है कि, इसकी शेल्फ लाइफ लंबी है जिस कारण आप पर इन्हें ताजा बेचने का दबाव भी नहीं होगा. सुमन इसकी खेती के साथ ही लोगों को इसे उगाने की ट्रेनिंग भी देती हैं.

इसके लिए सुमन लोगों को ट्रेनिंग भी देती हैं

हर महीने सुमन करीब 20 से 30 लोगों को इसकी खेती की ट्रेनिंग देती हैं. इसके अलावा वह उनके लिए लैब बनाने में भी सहायता करती हैं. ट्रेनिंग देने के लिए वह एक व्यक्ति 15 हजार रुपये लेती हैं. सुमन बताती है कि, जो कोई भी Cultivation of Cordyceps करने के इच्छुक है, कम से कम उसके पास 100 वर्ग फीट जगह होनी जरूरी है. इस काम में शुरुआती निवेश करीब 3 लाख रुपये लगते हैं.

यह भी पढ़े :  Indian Army SSC Tech Vacancy 2026 : बिना परीक्षा सेना में अफसर बनने का मौका! फॉर्म भरना शुरू, जल्दी करें

Cordyceps Farming Business : पोषक तत्व और उपयोग

हम आपको बताना चाहते हैं कि, कॉर्डिसेप्स एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. International Journal of Herbal Medicine के मुताबिक, यह कॉर्डिसेपिन एसिड, पॉलीसेकेराइड, कॉर्डिसेपिन, डी-मैनिटोल, विटामिन बी1, बी2, बी6, बी12, विटामिन ए, सेरियम, एसओडी, जिंक, फैटी एसिड, कॉपर, कार्बोहाइड्रेट न्यूक्लियोसाइड प्रोटीन, आदि जैसे विभिन्न पोषक तत्वों और खनिज भरपूर मात्रा में पाया जाता है.

कई असाध्य रोगों में फायदेमंद

हम आपको बता दें कि, वेबएमडी और एनसीबीआई पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, कॉर्डिसेप्स के उपयोग से रात में पसीना आना, हाइपरलिपिडिमिया, हाइपरग्लाइसेमिया, हृदय गति में वृद्धि, एस्थेनिया के उपचार में भी मदद मिलती है.

यह जड़ी बूटी श्वसन, किडनी, लीवर, प्रतिरक्षा प्रणाली, हृदय संबंधी संवहनी स्वास्थ्य से जुड़े रोगों में फायदेमंद है. यह अपने एंटीट्यूमर, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए भी मशहूर है.

Whatsapp पर जुड़ेTelegram पर जुड़े
Google NewsWhatsapp Channel
Home PageNaukri News

🚨 अब कोई भी सरकारी जॉब अपडेट आपसे नहीं छूटेगी!

⚡ रोज़ाना ऐसी ही काम की जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर पाएं। फ्री में जल्दी जुड़े

📌 फ्री में जुड़ेWhatsAppTelegram
Sarkari NaukriJoinJoin
BRABU NewsJoinJoin

✅ Trusted Community • ✅ Fast Alerts • ✅ No Spam

Tanisha Mishra
Tanisha Mishrahttps://nearnews.in/author/tanisha-com/
तनीषा मिश्रा nearnews.in में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से अधिक अनुभव हैं।इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत सरकारी नौकरी बिहार से की थी। अब करीब 3 साल से उभरती वेबसाइट nearnews.in में सेवा दे रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Most Popular