Thursday, April 18, 2024
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Guru Rahman : बेगुसराय के गुरु रहमान हजारों नहीं सिर्फ 11 रुपये में बनाते हैं सरकारी अफसर

गरीब विद्यार्थियों के लिए भगवान गुरु रहमान वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अदम्य अदिति गुरुकुल’ चला रहे हैं गुरु रहमान बिहार के अलावा भारत के दूसरे राज्यों में भी प्रसिद्ध हैं.

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Guru Rahman Sir :‘गुरु रहमान’ जो कि बिहार के बेगुसराय के रहने वाले हैं। आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वह गरीब विद्यार्थियों के लिए भगवान से कम नहीं है। गुरु रहमान वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अदम्य अदिति गुरुकुल’ चला रहे हैं गुरु रहमान न केवल बिहार में बल्कि भारत के दूसरे राज्यों में भी प्रसिद्ध हैं.

हम आप सभी को बता देना चाहते हैं कि, पटना में 11 रुपये की फीस पर गुरु रहमान से पढ़ाई करने वाला एक गरीब परिवार का छात्र आज बेगुसराय का गुरु रहमान (Guru Rahman Sir in Begusarai) बन गया है। और बेगुसराय के की छात्रओं को अफसर बना चुके हैं।

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इस गुरु रहमान की भी उतनी ही चर्चा है जितनी पटना के गुरु रहमान की। बेगुसराय के गुरु रहमान सर (Guru Rahman Sir)भी गरीब, अनाथ और जरूरतमंद छात्रों को मात्र 11 रुपये में पढ़ाते हैं आजकल वह अपने अद्भुत अंदाज और जरूरतमंद बच्चों को बिना किसी नोट्स के मुफ्त में पढ़ाने के लिए सुर्खियों में हैं।

कौन हैं बेगुसराय के गुरु रहमान?

हम आप सभी को बता दे कि, एच रहमान बेगुसराय जिला मुख्यालय से लगभग 35 किमी दूर गढ़पुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 2012 से 2015 तक पटना में रह कर बस 11 रुपये की फीस में गुरु रहमान के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वह अपने गांव वापस आ गए और

यह भी पढ़ें: 2200 Fraud Loan Apps: सरकार ने की घोषणा – 2200 से अधिक लोन देने वाले ऐप्स का सफाया

2016 में इलाके के गरीब बच्चों, खासकर लड़कियों को शिक्षित करने के लिए रहमान कॉम्पिटिशन कोचिंग सेंटर खोला. तब से, वह लगातार 11 रुपये की फीस पर गरीब, अनाथ और बेसहारा बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं और उन्हें सरकारी अधिकारी बनने का सपनों को पूरा करने में सहायता कर रहे हैं।

Guru Rahman Sir: हमें गरीबों की सहायता करनी चाहिए

गुरु रहमान कहते है कि, उनका अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि, हर एक गरीब बच्चे के पास किताब और कलम नाम का हथियार हो। “अगर कोई छात्र गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ देता है, तो इसे एक शिक्षक के लिए अपराध माना जाना चाहिए।

ऐसे में यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि, हमारे समाज को नैतिक विकास के साथ अपनी सामाजिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गुरु रहमान जैसे गुरु की जरूरत है। अगर हमारे समाज में गुरु रहमान जैसे शिक्षक हो तो कोई गरीब बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा।

यह भी पढ़ें: Bihar Teacher Salary : फिर एक्शन में केके पाठक! शिक्षकों और अधिकारियों की सैलरी पर चली कैंची

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Tanisha Mishra
Tanisha Mishra
तनिशा मिश्रा Near News में एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के न्यूज जैसे लेटेस्ट खबर, टेलीकॉम, वेब सीरीज, करियर से सम्बंधित खबर लिखते हैं। ये लेटेस्ट खबर से परिचित रहना पसंद करते हैं। इन्हें [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।
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Guru Rahman : बेगुसराय के गुरु रहमान हजारों नहीं सिर्फ 11 रुपये में बनाते हैं सरकारी अफसर

गरीब विद्यार्थियों के लिए भगवान गुरु रहमान वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अदम्य अदिति गुरुकुल’ चला रहे हैं गुरु रहमान बिहार के अलावा भारत के दूसरे राज्यों में भी प्रसिद्ध हैं.

Guru Rahman Sir :‘गुरु रहमान’ जो कि बिहार के बेगुसराय के रहने वाले हैं। आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वह गरीब विद्यार्थियों के लिए भगवान से कम नहीं है। गुरु रहमान वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अदम्य अदिति गुरुकुल’ चला रहे हैं गुरु रहमान न केवल बिहार में बल्कि भारत के दूसरे राज्यों में भी प्रसिद्ध हैं.

हम आप सभी को बता देना चाहते हैं कि, पटना में 11 रुपये की फीस पर गुरु रहमान से पढ़ाई करने वाला एक गरीब परिवार का छात्र आज बेगुसराय का गुरु रहमान (Guru Rahman Sir in Begusarai) बन गया है। और बेगुसराय के की छात्रओं को अफसर बना चुके हैं।

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इस गुरु रहमान की भी उतनी ही चर्चा है जितनी पटना के गुरु रहमान की। बेगुसराय के गुरु रहमान सर (Guru Rahman Sir)भी गरीब, अनाथ और जरूरतमंद छात्रों को मात्र 11 रुपये में पढ़ाते हैं आजकल वह अपने अद्भुत अंदाज और जरूरतमंद बच्चों को बिना किसी नोट्स के मुफ्त में पढ़ाने के लिए सुर्खियों में हैं।

कौन हैं बेगुसराय के गुरु रहमान?

हम आप सभी को बता दे कि, एच रहमान बेगुसराय जिला मुख्यालय से लगभग 35 किमी दूर गढ़पुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 2012 से 2015 तक पटना में रह कर बस 11 रुपये की फीस में गुरु रहमान के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वह अपने गांव वापस आ गए और

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2016 में इलाके के गरीब बच्चों, खासकर लड़कियों को शिक्षित करने के लिए रहमान कॉम्पिटिशन कोचिंग सेंटर खोला. तब से, वह लगातार 11 रुपये की फीस पर गरीब, अनाथ और बेसहारा बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं और उन्हें सरकारी अधिकारी बनने का सपनों को पूरा करने में सहायता कर रहे हैं।

Guru Rahman Sir: हमें गरीबों की सहायता करनी चाहिए

गुरु रहमान कहते है कि, उनका अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि, हर एक गरीब बच्चे के पास किताब और कलम नाम का हथियार हो। “अगर कोई छात्र गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ देता है, तो इसे एक शिक्षक के लिए अपराध माना जाना चाहिए।

ऐसे में यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि, हमारे समाज को नैतिक विकास के साथ अपनी सामाजिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गुरु रहमान जैसे गुरु की जरूरत है। अगर हमारे समाज में गुरु रहमान जैसे शिक्षक हो तो कोई गरीब बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा।

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तनिशा मिश्रा Near News में एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के न्यूज जैसे लेटेस्ट खबर, टेलीकॉम, वेब सीरीज, करियर से सम्बंधित खबर लिखते हैं। ये लेटेस्ट खबर से परिचित रहना पसंद करते हैं। इन्हें [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।
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