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Narendra Modi Russia Visit: मोदी की रूस यात्रा पर अमेरिकी धमकी! भारत को हो सकता अरबों का नुकसान

Narendra Modi Russia Visit: हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस की ऐतिहासिक यात्रा की थी और वहां राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिले थे. हालांकि, नरेंद्र मोदी की इस यात्रा से अमेरिका नाखुश नजर आ रहा है और पीएम मोदी की रूस यात्रा पर नाराजगी जाहिर की थी. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच नाटो शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे थे.

उसी वक्त पीएम मोदी रूस की यात्रा (Narendra Modi Russia Visit) पर गए थे. अब भारत ने भी पीएम मोदी की रूस यात्रा पर अमेरिका को सख्त संदेश जारी किया है. पीएम मोदी की रूस यात्रा को भारत ने साफ तौर पर ‘पसंद को तरजीह देने की स्वतंत्रता’ का मामला बताया है.

Narendra Modi Russia Visit: वास्तविकता के प्रति सचेत रहे अमेरिका

हम आप सभी को बता दें कि, विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिका को लेकर कई सख्त बयान जारी किए हैं. जायसवाल ने कहा कि, भारत का रूस संबंध काफी पूराना रहा है और

ये संबंध पारस्परिक हितों पर आधारित है. रणधीर जायसवाल ने कहा कि, बहुध्रुवीय विश्व में, सभी देशों को अपनी राह चुनने की आजादी है. हर किसी के लिए ऐसी वास्तविकताओं के प्रति सचेत रहना और उनकी सराहना करना आवश्यक है.

Narendra Modi Russia Visit: क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें, इसी महीने दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू ने पीएम मोदी की रूस यात्रा पर टिप्पणी की थी. लू ने कहा था कि, जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन नाटो शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं, तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस यात्रा पर थे और इस यात्रा (Narendra Modi Russia Visit) में अमेरिका निराश है.

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Narendra Modi Russia Visit: भारत में अमेरिकी राजदूत ने भी दिया था बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 और 9 जुलाई को रूस यात्रा पर गए थे और उन्होंने व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात भी किया था. इसके बाद जो बाइडन प्रशासन के कई अधिकारियों ने रूस और भारत के संबंधों की आलोचना की थी. भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने भी इस यात्रा के विरोध में बयान दिया था. इस संबंध में टिप्पणी करते हुए कहा था कि संघर्ष के समय में रणनीतिक स्वायत्तता जैसी कोई चीज नहीं होती.

अमेरिकी राजदूत ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता पसंद है लेकिन संघर्ष के समय में रणनीतिक स्वायत्तता जैसी कोई चीज नहीं होती. संकट के क्षणों में हमें एक-दूसरे को जानने की जरूरत है.

Narendra Modi Russia Visit: भारत ने दिया था दो टूक जवाब

आपको बता दें कि, गार्सेटी की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को महत्व देता है और हमारे अपने अलग विचार हैं और दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, उन्हें एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हुए कुछ मुद्दों पर असहमत होने के लिए सहमत होने की जगह देती है.

रूस दौरे पर हुए कई अहम समझौते

पीएम मोदी ने अपने रूस की आधिकारिक यात्रा (Narendra Modi Russia Visit) पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की था. इस दौरान दोनों देशों ने गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को खत्म करने और 2030 तक 100 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक के पारस्परिक व्यापार का लक्ष्य रखा था.

बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर द्विपक्षीय व्यापार के उदारीकरण पर बातचीत जारी रखने का फैसला किया था, जिसमें ईएईयू-भारत मुक्त व्यापार क्षेत्र की स्थापना की संभावना भी शामिल है.

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