Thursday, July 25, 2024
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Indian Railway : चोर चाहकर भी ट्रेन से पंखे चोरी क्यों नहीं करना चाहते? जानिए इसके पीछे के रोचक तथ्य

Fan Used in Train : आपने सही पढ़ा. भारतीय रेलवे यानि Indian Railway ने ट्रेनों के अंदर लगे पंखों की ऐसी सेटिंग (Such Setting Of Fans Inside Trains) की है कि यदि कोई उसे उतारकर ले जाए और अपने घर में लगाकर हवा लेना

चाहे तो यह संभव नहीं (If You Want To Take Air By Putting It In The House, It Is Not Possible) है। चोरी-छिपे अगर कोई उतारकर ले भी जाता है तो लेकिन घर में आने वाली बिजली से वो पंखा (Electric Fan) चलेगा ही नहीं.

इसका कारण है इन पंखों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले तकनीक (Techniques Used to Make Feathers). ये तकनीक क्या है और ये कैसे पंखों को प्रभावित करती है, इस बारे में जब आप जानेंगे तो यकीनन भारतीय रेलवे यानि

Indian Railway की तारीफ करेंगे. आप कहेंगे- वाह रेलवे वालों, क्या दिमाग लगाया है। दरअसल, रेलवे ने इन पखों में एक ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल (Railway Has Used Such A Technology In These Wings) किया है कि ट्रेन से

निकलने के बाद ये पंखे केवल कबाड़ रह जाते हैं। आज आइए जानते हैं कि इन पंखों में ऐसा क्या होता है कि ये घर में आने वाली बिजली से नही चल सकते हैं। (Indian Railway).

ट्रेन में लगे पंखे नहीं चल सकते घरों में

जी हां, कोच में लगे पंखे तब तक पंखे (Fans Installed In Coaches) हैं, जब तक वह ट्रेन में लगे होते हैं. घर ले जाने के बाद ट्रेन के पंखे पूरी तरह से कबाड़ (Train Fans Completely Junk) हो जाते हैं। आपको बताते चलें इंजीनियर्स ने ट्रेन में

इस्तेमाल होने वाले पंखों को कुछ इस तरह डिजाइन (Design The Wings Like This) किया कि उन्हें घरों में इस्तेमाल ही न किया जा सके, सिर्फ ट्रेनों में ही इनका इस्तेमाल (They Are Used Only In Trains) किया जा सकेगा।

आखिर क्या है इसके पीछे का विज्ञान

बताते चलें हमारे घरों में 2 तरह से बिजली इस्तेमाल (Electric Use) की जाती हैं AC और DC. घरों में इस्तेमाल होने वाली AC की अधिकतम पावर 220 वोल्ट होती है जबकि DC में ये पावर 5, 12 और 24 वोल्ट होती है. वहीं, दूसरी ओर ट्रेनों में

लगाए जाने वाले पंखों को 110 वोल्ट का बनाया जाता है, जो सिर्फ DC से चलेगा. घरों में इस्तेमाल की जाने वाली DC पावर 110 वोल्ट में उपलब्ध ही नहीं होती तो आप इसे अपने घरों में इस्तेमाल कर ही नहीं सकते हैं।

ट्रेन में 110 वोल्ट तो घर में 220 वोल्ट की सप्लाई क्यों

ट्रेन में केवल Lights, Fans, Mobile And Laptop Charging के लिए बिजली सप्लाई दी जाती है. इन तीनों कामों के लिए 110 वोल्ट बिजली पर्याप्त है. लेकिन यदि हम अपने घर की बात करते हैं तो उसमें Cooler, Fridge, AC, Geyser,

Heater & Washing Machine जैसे उपकरण भी उपयोग में लिए जाते हैं. इन उपकरणों को चलाने के लिए 220 वोल्ट बिजली की जरूरत होती है. यदि इन्हें 110 वोल्ट बिजली में चलाएंगे तो यह अपना काम को पूरा करने में काफी समय ले लेंगे.

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नियर न्यूज टिम रोज़ाना अपने विवर के लिए सरकारी योजना और लेटेस्ट गवर्नमेंट जॉब सहित अन्य महत्वपूर्ण खबर पब्लिश करती है, इसकी जानकारी व्हाट्सअप और टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त कर सकतें हैं। हमारा यह आर्टिकल आपको उपयोगी लगा हों तो अपने दोस्तों को शेयर कर हमारा हौसलाफ़जाई ज़रूर करें।

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S.K. JAIN
S.K. JAINhttps://nearnews.in/
एस. के. जैन ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2017 में नियर न्यूज़ वेब पोर्टल समूह के नियरन्यूज.इन से किये। यहां उन्होंने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, बिजनेस, यूनिवर्सिटी न्यूज़ व नौकरी पर काम किया। साथ ही पत्रकारिता के मूलभूत और जरूरी विषयों पर अपनी पकड़ बनाया। वर्तमान समय में शिक्षा, नौकरी, एडुकेशन जैसे लेटेस्ट सरकारी नौकरी, यूनिवर्सिटी न्यूज व अन्य कैरियर से संबंधित खबरें लिखते हैं। उन्हें सीखने और घूमने का शौक है। एस.के. जैन Near News में सीनियर एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के नौकरी, एडुकेशन विषयों जैसे लेटेस्ट सरकारी नौकरी, यूनिवर्सिटी न्यूज व अन्य कैरियर से सम्बंधित न्यूज लिखते हैं। ये लेटेस्ट नौकरी व कैरियर से परिचित रहना पसंद करते हैं। इन्हें [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।

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Indian Railway : चोर चाहकर भी ट्रेन से पंखे चोरी क्यों नहीं करना चाहते? जानिए इसके पीछे के रोचक तथ्य

Fan Used in Train : आपने सही पढ़ा. भारतीय रेलवे यानि Indian Railway ने ट्रेनों के अंदर लगे पंखों की ऐसी सेटिंग (Such Setting Of Fans Inside Trains) की है कि यदि कोई उसे उतारकर ले जाए और अपने घर में लगाकर हवा लेना

चाहे तो यह संभव नहीं (If You Want To Take Air By Putting It In The House, It Is Not Possible) है। चोरी-छिपे अगर कोई उतारकर ले भी जाता है तो लेकिन घर में आने वाली बिजली से वो पंखा (Electric Fan) चलेगा ही नहीं.

इसका कारण है इन पंखों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले तकनीक (Techniques Used to Make Feathers). ये तकनीक क्या है और ये कैसे पंखों को प्रभावित करती है, इस बारे में जब आप जानेंगे तो यकीनन भारतीय रेलवे यानि

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निकलने के बाद ये पंखे केवल कबाड़ रह जाते हैं। आज आइए जानते हैं कि इन पंखों में ऐसा क्या होता है कि ये घर में आने वाली बिजली से नही चल सकते हैं। (Indian Railway).

ट्रेन में लगे पंखे नहीं चल सकते घरों में

जी हां, कोच में लगे पंखे तब तक पंखे (Fans Installed In Coaches) हैं, जब तक वह ट्रेन में लगे होते हैं. घर ले जाने के बाद ट्रेन के पंखे पूरी तरह से कबाड़ (Train Fans Completely Junk) हो जाते हैं। आपको बताते चलें इंजीनियर्स ने ट्रेन में

इस्तेमाल होने वाले पंखों को कुछ इस तरह डिजाइन (Design The Wings Like This) किया कि उन्हें घरों में इस्तेमाल ही न किया जा सके, सिर्फ ट्रेनों में ही इनका इस्तेमाल (They Are Used Only In Trains) किया जा सकेगा।

आखिर क्या है इसके पीछे का विज्ञान

बताते चलें हमारे घरों में 2 तरह से बिजली इस्तेमाल (Electric Use) की जाती हैं AC और DC. घरों में इस्तेमाल होने वाली AC की अधिकतम पावर 220 वोल्ट होती है जबकि DC में ये पावर 5, 12 और 24 वोल्ट होती है. वहीं, दूसरी ओर ट्रेनों में

लगाए जाने वाले पंखों को 110 वोल्ट का बनाया जाता है, जो सिर्फ DC से चलेगा. घरों में इस्तेमाल की जाने वाली DC पावर 110 वोल्ट में उपलब्ध ही नहीं होती तो आप इसे अपने घरों में इस्तेमाल कर ही नहीं सकते हैं।

ट्रेन में 110 वोल्ट तो घर में 220 वोल्ट की सप्लाई क्यों

ट्रेन में केवल Lights, Fans, Mobile And Laptop Charging के लिए बिजली सप्लाई दी जाती है. इन तीनों कामों के लिए 110 वोल्ट बिजली पर्याप्त है. लेकिन यदि हम अपने घर की बात करते हैं तो उसमें Cooler, Fridge, AC, Geyser,

Heater & Washing Machine जैसे उपकरण भी उपयोग में लिए जाते हैं. इन उपकरणों को चलाने के लिए 220 वोल्ट बिजली की जरूरत होती है. यदि इन्हें 110 वोल्ट बिजली में चलाएंगे तो यह अपना काम को पूरा करने में काफी समय ले लेंगे.

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