Saturday, July 13, 2024
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Shiv Ji Ki Tisri Aankh : कैसे मिली भगवान शिव को तीसरी आंख, क्या है इसे पीछे का रहस्य ?

Shiv Ji Ki tisri Aankh : सावन का महीना (Saawan Ka Mahina) शिवजी का पसंदीदा महीना होता है, (Shivji’s Favorite Month Is) सावन के सोमवार पर लोग शिवजी (Shiva) के लिए व्रत

रखते हैं जिससे उन्हें मनवांछित फल मिले। महादेव हम सबके पालनहार (Mahadev Is The Protector Of All Of Us) हैं और देवों के देव हैं, हम सभी जानते हैं कि भगवान शिव (Lord Shiva) की तीन आंखें होती हैं

लेकिन क्या आप ये जानते हैं उन्हें ये तीसरी आंख मिली कैसे थी? (How Did He Get This Third Eye?) इसके पीछे भी एक रहस्य है। आइए आपको इसकी दिलचस्प (Interesting) जानकारी देते हैं।

सिद्धांत है कि शिवजी अपनी तीसरी आंख एक ही बार में बनाते हैं (शिवजी अपनी तीसरी आंख तभी खोलते हैं) जब उनका विनाश (विनाश) हो जाता है, लेकिन ये आंख तब पहली बार अवास्तविक थी जब उन्हें सृष्टि को कहा जाता था।

बचाना था। महाभारत के छठे खंड के अनुशासन पर्व (Discipline Festival Of Sixth Volume Of Mahabharata) में इसके रहस्य से पर्दा उठा है। पौराणिक कथा (Mythology) के अनुसार एक बार नारदजी

भगवान शिव और माता पार्वती (Lord Shiva and Mother Parvati) के की बातचीत बताते हैं और इस बातचीत में शिवजी की त्रिनेत्र (Lord Shiva’s Trinetra) के बारे में 9 रहस्यों के बारे में बताया गया है।

भगवान शिव को कैसे मिली तीसरी आंख

Narad Ji बताते हैं कि एक बार हिमालय पर्वत (Himalaya Mountains) पर भगवान Shiv Sabha कर रहे थे, इस Shiv Sabha में सभी देवता, ऋषि-मुनि और ज्ञानी (Gods, Sages) लोग शामिल थे, तभी सभा में माता पार्वती आईं

और उन्होंने शिवजी के साथ मनोरंजन (Entertainment) करने के लिए उनकी दोनों आंखें अपने हाथों से बंद कर दीं। जैसे ही Mata Parvati ने शिवजी की आंखें ढकी पूरी सृष्टि में अंधेरा (Darkness In Creation) छा गया, लगने लगा

कि सूर्य का कोई अस्तित्व ही न हो। धरती पर मौजूद सभी जीव-जंतुओं (All Creatures) में खलबली मच गई। संसार की ये दशा भगवान शिव नहीं देख सकते थे और उन्होंने अपने माथे पर एक ज्योतिपुंज प्रकट किया जो भगवान शिव की

तीसरी आंख बनी और तुरंत पूरी सृष्टि में रोशनी हो गई। बाद में जब Mata Parvati  ने इस तीसरी आंख के बारे में शिवजी से पूछा तो उन्होंने बताया कि अगर वो ऐसा नहीं करते तो पूरी सृष्टि का विनाश हो जाता, क्योंकि उनकी आंखें जगत

की पालनहार हैं। इसी घटना के बाद से शिवजी को तीसरी आंख मिली (Shivji Got The Third Eye), जिसे शिवजी हमेशा बंद करके रखते हैं, क्योंकि जब शिवजी की तीसरी आंख खुलती है तो फिर विनाश होने से कोई नहीं रोक सकता है।

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नियर न्यूज टिम रोज़ाना अपने विवर के लिए सरकारी योजना और लेटेस्ट गवर्नमेंट जॉब सहित अन्य महत्वपूर्ण खबर पब्लिश करती है, इसकी जानकारी व्हाट्सअप और टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त कर सकतें हैं। हमारा यह आर्टिकल आपको उपयोगी लगा हों तो अपने दोस्तों को शेयर कर हमारा हौसलाफ़जाई ज़रूर करें।

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S.K. JAIN
S.K. JAINhttps://nearnews.in/
एस. के. जैन ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2017 में नियर न्यूज़ वेब पोर्टल समूह के नियरन्यूज.इन से किये। यहां उन्होंने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, बिजनेस, यूनिवर्सिटी न्यूज़ व नौकरी पर काम किया। साथ ही पत्रकारिता के मूलभूत और जरूरी विषयों पर अपनी पकड़ बनाया। वर्तमान समय में शिक्षा, नौकरी, एडुकेशन जैसे लेटेस्ट सरकारी नौकरी, यूनिवर्सिटी न्यूज व अन्य कैरियर से संबंधित खबरें लिखते हैं। उन्हें सीखने और घूमने का शौक है। एस.के. जैन Near News में सीनियर एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के नौकरी, एडुकेशन विषयों जैसे लेटेस्ट सरकारी नौकरी, यूनिवर्सिटी न्यूज व अन्य कैरियर से सम्बंधित न्यूज लिखते हैं। ये लेटेस्ट नौकरी व कैरियर से परिचित रहना पसंद करते हैं। इन्हें [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।

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Shiv Ji Ki tisri Aankh : सावन का महीना (Saawan Ka Mahina) शिवजी का पसंदीदा महीना होता है, (Shivji’s Favorite Month Is) सावन के सोमवार पर लोग शिवजी (Shiva) के लिए व्रत

रखते हैं जिससे उन्हें मनवांछित फल मिले। महादेव हम सबके पालनहार (Mahadev Is The Protector Of All Of Us) हैं और देवों के देव हैं, हम सभी जानते हैं कि भगवान शिव (Lord Shiva) की तीन आंखें होती हैं

लेकिन क्या आप ये जानते हैं उन्हें ये तीसरी आंख मिली कैसे थी? (How Did He Get This Third Eye?) इसके पीछे भी एक रहस्य है। आइए आपको इसकी दिलचस्प (Interesting) जानकारी देते हैं।

सिद्धांत है कि शिवजी अपनी तीसरी आंख एक ही बार में बनाते हैं (शिवजी अपनी तीसरी आंख तभी खोलते हैं) जब उनका विनाश (विनाश) हो जाता है, लेकिन ये आंख तब पहली बार अवास्तविक थी जब उन्हें सृष्टि को कहा जाता था।

बचाना था। महाभारत के छठे खंड के अनुशासन पर्व (Discipline Festival Of Sixth Volume Of Mahabharata) में इसके रहस्य से पर्दा उठा है। पौराणिक कथा (Mythology) के अनुसार एक बार नारदजी

भगवान शिव और माता पार्वती (Lord Shiva and Mother Parvati) के की बातचीत बताते हैं और इस बातचीत में शिवजी की त्रिनेत्र (Lord Shiva’s Trinetra) के बारे में 9 रहस्यों के बारे में बताया गया है।

भगवान शिव को कैसे मिली तीसरी आंख

Narad Ji बताते हैं कि एक बार हिमालय पर्वत (Himalaya Mountains) पर भगवान Shiv Sabha कर रहे थे, इस Shiv Sabha में सभी देवता, ऋषि-मुनि और ज्ञानी (Gods, Sages) लोग शामिल थे, तभी सभा में माता पार्वती आईं

और उन्होंने शिवजी के साथ मनोरंजन (Entertainment) करने के लिए उनकी दोनों आंखें अपने हाथों से बंद कर दीं। जैसे ही Mata Parvati ने शिवजी की आंखें ढकी पूरी सृष्टि में अंधेरा (Darkness In Creation) छा गया, लगने लगा

कि सूर्य का कोई अस्तित्व ही न हो। धरती पर मौजूद सभी जीव-जंतुओं (All Creatures) में खलबली मच गई। संसार की ये दशा भगवान शिव नहीं देख सकते थे और उन्होंने अपने माथे पर एक ज्योतिपुंज प्रकट किया जो भगवान शिव की

तीसरी आंख बनी और तुरंत पूरी सृष्टि में रोशनी हो गई। बाद में जब Mata Parvati  ने इस तीसरी आंख के बारे में शिवजी से पूछा तो उन्होंने बताया कि अगर वो ऐसा नहीं करते तो पूरी सृष्टि का विनाश हो जाता, क्योंकि उनकी आंखें जगत

की पालनहार हैं। इसी घटना के बाद से शिवजी को तीसरी आंख मिली (Shivji Got The Third Eye), जिसे शिवजी हमेशा बंद करके रखते हैं, क्योंकि जब शिवजी की तीसरी आंख खुलती है तो फिर विनाश होने से कोई नहीं रोक सकता है।

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एस. के. जैन ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2017 में नियर न्यूज़ वेब पोर्टल समूह के नियरन्यूज.इन से किये। यहां उन्होंने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, बिजनेस, यूनिवर्सिटी न्यूज़ व नौकरी पर काम किया। साथ ही पत्रकारिता के मूलभूत और जरूरी विषयों पर अपनी पकड़ बनाया। वर्तमान समय में शिक्षा, नौकरी, एडुकेशन जैसे लेटेस्ट सरकारी नौकरी, यूनिवर्सिटी न्यूज व अन्य कैरियर से संबंधित खबरें लिखते हैं। उन्हें सीखने और घूमने का शौक है। एस.के. जैन Near News में सीनियर एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के नौकरी, एडुकेशन विषयों जैसे लेटेस्ट सरकारी नौकरी, यूनिवर्सिटी न्यूज व अन्य कैरियर से सम्बंधित न्यूज लिखते हैं। ये लेटेस्ट नौकरी व कैरियर से परिचित रहना पसंद करते हैं। इन्हें [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।
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