Friday, September 24, 2021

मोदी सरकार की बड़ी तैयारी, प्राइवेट जॉब हो या सरकारी जॉब, सबको मिलेगा तोहफा!, यहां जाने

केंद्र सरकार ने 01 अक्टूबर से देश में लेबर कोड के नियमों को लागू करने की तैयारी में हैं. Labor Code कानून के लागू होते ही कर्मचारियों के Take Home Salary और PF स्ट्रक्चर में बदलाव हो जाएगा.

बदलाव से कर्मचारियों की Take Home Salary घट जाएगी, जबकि भविष्य निधि यानी PF में ज्यादा पैसा जमा होने लगेंगे.

दरअसल, केंद्र सरकार चारों श्रम कानूनों (Labor Laws) को जल्दी से जल्दी लागू करना चाहती है. पहले 01 जुलाई से ही लेबर कोड (Labor Code) के नियमों को लागू करने की प्लान थी.

लेकिन राज्य सरकारें इसके लिए तैयार नहीं थीं. इन चार संहिताओं के अंतर्गत केंद्र और राज्यों दोनों को इन नियमों को अधिसूचित करना होगा,

तभी संबंधित राज्यों में ये सभी कानून अस्तित्व में आएंगे. श्रम कानूनों (Labor Laws) के लागू होने के बाद सैलरी स्ट्रक्चर में कई बदलाव होने वाला हैं. 

होगा ये बदलाव

नए कानून से कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Salary) और भविष्य निधि की गणना के तरीकों में उल्लेखनीय बदलाव आएगा.

श्रम मंत्रालय (Ministry of Labor) औद्योगिक संबंध (Industrial Relations), वेतन (Wages), सामाजिक सुरक्षा (Social Security),

व्यवसायिक और स्वास्थ्य सुरक्षा (ccupational and Health Security) तथा कार्यस्थिति को लेकर नया नियम लागू करने की तैयारी में है. चार श्रम संहिताओं के तहत 44 केंद्रीय श्रम कानूनों (Labor Laws) को सुसंगत किया जा सकेगा.

बदलाव के बाद कर्मचारियों की Basic Salary 15000 रुपये से बढ़कर 21000 रुपये हो सकता है. लेबर यूनियन की यह मांग रही है कि

कर्मचारियों की Minimum Basic Salary को 15000 रुपये से बढ़ाकर 21000 रुपये कर दिया जाना चाहिए. अगर ऐसा होता हैं तो आपका वेतन बढ़ जाएगा.

नई वेतन संहिता (New Pay Code) के तहत भत्तों को 50 फीसदी पर सीमित रखी जायेगी. इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों के Total Salary का 50 फीसदी मूल वेतन होगा.

भविष्य निधि (Provident Fund) की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर किया जाता है, इसमें मूल वेतन साथ में महंगाई भत्ता भी शामिल रहता है.

अभी नियोक्ता वेतन को कई तरह के भत्तों में बांट देता हैं. इससे मूल वेतन कम रहता है, जिससे भविष्य निधि (Provident Fund) और आयकर में योगदान भी नीचे रहता है.

नई वेतन संहिता में भविष्य निधि (Provident Fund) योगदान कुल वेतन के 50 प्रतिशत के हिसाब से तय की जाएगी.

क्या है फायदा 

नए बदलाव के बाद Basic Salary 50 फीसदी या उससे भी ज्यादा हो सकता है. वहीं PF Basic Salary के आधार पर ही कैलकुलेट की जाती है,

तो उसमें अब कंपनी और कर्मचारी दोनों के ही योगदान बढ़ जाएंगे. ग्रैच्युटी (Gratuity) और PF में योगदान बढ़ने से Retirement के बाद मिलने वाली राशि में इजाफा होगा. 

PF में कर्मचारियों के योगदान बढ़ने से कंपनियों पर वित्तीय बोझ बढ़ेंगे. इसके साथ ही Basic Salary बढ़ने से ग्रैच्युटी (Gratuity) की रकम भी अब पहले से ज्यादा होगी,

ये पहले के मुकाबले यह डेढ़ गुना तक ज्यादा हो सकता है. इन चीजों से निजी कंपनियों की Balance Sheet भी प्रभावित होगी.

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