Monday, April 12, 2021

बड़े काम की खबर : पैसे से पैसा बनाने के इन 10 तरीकों से आप बन सकते हैं लखपति

कोरोना की वजह से देश में बहुत कुछ बदला गया है. कई लोगों की Naukri गई और कई लोगों के वेतन में कटौती हुआ. ऐसे में लोगों ने Invest और Saving के महत्व को भी समझा.

समय के साथ-साथ लोगों को वित्तीय Yojana की जरूरत के बारे में पता चला. नौकरीपेशा वर्ग के लोगों के लिए TAX की प्लानिंग करना वित्तीय Yojana के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है.

लेकिन बहुत से लोगों को TAX और Saving के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं हो पाती. ऐसे में हम आपको बताएंगे कि कर्मचारियों को TAX बचाने के लिए और Income का अधिकतम लाभ उठाने के लिए क्या करना चाहिए.

Employees’ Provident Fund (EPF) में करें निवेश

हर नौकरीपेशा व्यक्ति भविष्य निधि को लेकर काफी उत्सुक रहता है. हर महीने Salary से कटकर भविष्य निधि में जाने वाला पैसा पहले तो खटकता है लेकिन बाद में बार-बार बैलेंस चेक करने पर वही राशि सुकून भी देती है।

कर्मचारी और उनके नियोक्ता हर महीने Employees’ Provident Fund (EPF) में योगदान करते हैं, जो की एक रिटायरमेंट बेनेफिट Yojana है. कर्मचारी और नियोक्ता दोनों वेतन का 12-12 फीसदी Employees’ Provident Fund (EPF) में जमा करते हैं.

इस Yojana के तहत किए गए योगदान में धारा 80C के तहत कटौती का लाभ मिलता है. कोरोना काल में कई Yojana पर मिलने वाला Interest कम हुआ था, लेकिन Employees’ Provident Fund (EPF) खातों में अधिक Interest मिलता है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए PF राशि पर Interest दर की घोषणा करता हैं. चालू वित्त वर्ष में, EPFO ने 8.5 फीसदी की दर से Interest देने का फैसला किया है.

PPF में करें Invest

लोकप्रिय कर व दीर्घकालिक Saving Yojana Public Provident Fund (PPF) में Investor को 7.1 फीसदी Interest मिलता है. Investor पांच साल के बाद आंशिक निकासी का लाभ उठा सकता हैं और अपने खाते को 15 साल के लिए आगे भी बढ़ा सकता हैं.

खाते को सक्रिय रखने के लिए प्रत्येक वर्ष 500 रुपये की न्यूनतम राशि जमा करना आवश्यक रहता है. Public Provident Fund (PPF) कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के लिए एक कोष बनाने और साथ ही गारंटीड रिटर्न अर्जित करने की Yojana बनाने में सक्षम बनाता है.

Public Provident Fund (PPF) के तहत Invest की गई राशि धारा 80C के तहत कर-कटौती योग्य हैं और इस प्रकार, वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए TAX Yojana में मदद करता है.

TAX योग्य और गैर-TAX योग्य आय में समझें अंतर

सबसे पहले आपको यह समझना पड़ेगा कि आपकी कितनी Income पर आपको TAX देना होता है और कितनी Income पर आपको छूट मिलता है. यह महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार आय की गैर-TAX योग्य श्रेणियों को परिभाषित करता है.

इससे पहले कि आप अपने TAX की Yojana बनाना शुरू करें, अपनी पे-स्लिप को अच्छे तरीके से पढ़ लें. इसके लिए आप अपने ऑफिस की HR Team और की भी सहायता ले सकते हैं.

किराए के घर में रहने वालों को मिलती है छूट

अगर आप किसी कंपनी में काम करते हैं तो आपको House Rent Allowance (HRA) जरूर मिलता होगा. यह Salary का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. House Rent Allowance कर्मचारी को दिया जाने वाला एक भत्ता होता है.

यह नियोक्ता द्वारा अपने कर्मचारी को उनके घर का किराया चुकाने के लिए दिया जाता है. Income tax law के अनुसार, House Rent Allowance पर कर छूट सेक्शन 10(13A) के तहत मिलता है. कुल TAX योग्य आमदनी की गणना House Rent Allowance को कुल आय से घटाकर किया जाता है.

Income Tax के विभिन्न भागों को समझें

आपके लिए Income TAX act के विभिन्न वर्गों को समझना भी जरूरी है. Income tax saving विकल्पों के लिए लोगों के बीच act 80C काफी लोकप्रिय है. लेकिन 80D, 80EE, 80G आदि जैसे अन्य भाग भी आपको TAX लाभ प्रदान करते हैं. TAX Saving Yojana बनाने में यह भी आपकी सहायता कर सकता हैं.

खर्चा करने पर भी मिल सकता है लाभ

सरकार कई तरह के जरूरी खर्चों पर भी कर कटौती का लाभ देती रहती है. आपके बच्चे की ट्यूशन फीस, Bima Premium, Donation जैसे खर्च, आदि जैसे खर्चों पर आपको Tax में छूट मिलता है. वित्तीय प्लानिग करने से पहले इनको भी ध्यान में रखें.

शुरू करें Invest

कई लोग Investment के बारे में नहीं सोचते हैं और इस कारण वो कीमती समय निकल जाता है जिसमें किया गया Investment काफी अच्छे Return दे सकता था.

जितनी जल्दी Investment शुरू किया जाए, ज्यादा Return मिलने की संभावना उतना ही बढ़ जाता है. Investment कर आपको TAX में भी छूट मिल सकती है. आपको Fixed Deposit (FD), Sukanya Samriddhi Yojana, NPS आदि से फायदा हो सकता है।

भत्तों और कूपंस को समझें

नियोक्ता द्वारा पेश किए गए Salary के आधार पर, कर Yojana बनाना चाहिए. Salary पर TAX लगाया जाता है. लेकिन खाद्य कूपन, खरीदारी कूपन, आदि को Salary नहीं माना जाता है और इसलिए इनपर TAX नहीं लगाया जाता है. कईं नियोक्ता अपने कर्मचारियों को ये कूपन देते हैं. ताकि वे अपनी TAX योग्य Income को कम कर सकें.

लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA)

Live travel allowance यानी LTA कर भी कर्मचारियों को TAX में छूट मिल सकती है. Live travel allowance चार साल की समय सीमा में दो यात्राओं के लिए उपलब्ध रहता है. यह आपके लिए काफी सहायक हो सकते हैं.

छुट्टियों का पैसा (Encash) लें

छुट्टियों को पैसा लेना यानि Encash कराना वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए TAX को बचाने का एक और तरीका है. यदि आप सभी छुट्टियों का उपयोग नहीं करते हैं, तो आपको उन दिनों के लिए मुआवजा भी मिल सकता है. आपको जो राशि मिलेगा, वह TAX योग्य है. लेकिन कुछ स्थितियों में यह TAX-मुक्त है.

अन्य महत्वपूर्ण खबरों से अपडेटेड रहने के लिए यहां क्लिक कर हमें Follow करें

InstagramFollow
Facebook PageFollow
Facebook GroupJoin Now
TelegramFollow

12925a9378c0ce72ce930f3778bec96c?s=96&d=blank&r=g
Near Newshttp://nearnews.in
Near News is a Digital Media Website which brings the latest updates from across Bihar University, Muzaffarpur, Bihar and India as a whole.

Related Articles

Stay Connected

33,257FansLike
500FollowersFollow
1,000SubscribersSubscribe

Latest Articles

- Advertisement -
error: Copyright © 2021 All Rights Reserved.