Sunday, October 24, 2021

Driving Licence Centre : ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर खोलकर करें कमाई, जानिए इसके लिए क्या है प्रोसेस और कैसे करें अप्लाई

Driving Licence Centre : देश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए हर रोज RTO पर सैकड़ों की संख्या में आवेदन आता हैं. हर एक व्यक्ति के ड्राइविंग टेस्ट लेने में काफी ज्यादा समय लग जाता हैं,

जिसकी वजह से कई बार तो आपकी बारी आने में महीनों का समय लग जाते है. ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नये गाइडलाइंस को जारी किया हैं.

इसके मुताबिक अब क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के अलावें वाहन निर्माता संघ, गैर लाभकारी संगठन और निजी कंपनियां भी Driving Licence जारी कर सकेंगी.

कौन जारी कर सकेगा लाइसेंस?

नई गाइडलाइंस के मुताबिक Driving Licence जारी करने की नई सुविधा के साथ क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में यानि RTO द्वारा भी Driving Licence जारी किया जाएगा.

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संस्थाएं जैसे Firms, NGO, Private Companies, Automobile Association, Vehicle Manufacturers Association, Autonomous Body, Private Vehicle Manufacturer, ये सभी अपने यहां ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए अप्लाई कर सकेंगे.

दिखानी होगी फाइनेंशियल कैपेबिलिटी

जो संस्थाएं अपने यहां Driving licence Centre खोलना चाहती हैं, उनके पास Central Motor Vehicles Rules, 1989 के तहत निर्धारित जमीन पर जरूरी सुविधाएं होना जरूरी है.

यही नहीं अगर कोई राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश में इसके लिए अप्लाई करता हैं, तो उसे रिसोर्स को मैनेज करने को लेकर अपनी Financial Capability दिखानी होगी.

एप्लीकेशन में होनी चाहिए ये जानकारी

आवेदक की एप्लीकेशन में Financial Capability, Legal Status, Training और Testing के लिए कितना स्पेस हैं, या इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा है, ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनीज की जानकारी होना चाहिए.

वहीं Driving Licence और रोड सेफ्टी को लेकर कितना अनुभव हैं, कनेक्टिविटी, आम लोगों की कितनी पहुंच हैं और शहर से वो ट्रेनिंग सेंटर कितनी दूर हैं, यह सभी जानकारी होना चाहिए.

सरकार के मुताबिक Driving Licence Centre खोलने के प्रोसेस को अप्लाई करने के 60 दिनों के अंदर पूरा करना होगा.

इन ट्रेनिंग सेंटर्स को अपनी एनुअल रिपोर्ट भी जमा करनी होगी, जिसे RTO या DTO में जमा कराया जा सकेगा. नए नियमों के अनुसार,

ये ट्रेनिंग सेंटर चलाने वाली संस्थाएं कॉर्पोरेट क्षेत्र से या फिर केंद्र या राज्य सरकार की किसी दूसरी योजनाओं के तहत या कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत मदद मांग सकता हैं.

एप्लीकेशन के लिए प्रोसेस

सरकार के मुताबिक Driving Training Center खोलने के प्रोसेस को अप्लाई करने के 60 दिनों के अंदर पूरा करना होगा. इन ट्रेनिंग सेंटर्स को अपनी एनुअल रिपोर्ट भी जमा करानी होगी,

जिसे RTO या DTO में जमा कराया जा सकेगा. नए नियमों के अनुसार, ये ट्रेनिंग सेंटर चलाने वाली संस्थाएं कॉर्पोरेट क्षेत्र से या फिर केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य योजनाओं के तहत या कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत मदद मांग सकती हैं.

बनाना होगा ऑनलाइन पोर्टल

मान्यता प्राप्त केंद्रों को ऑनलाइन पोर्टल भी बनाना होगा जिसमें ट्रेनिंग कैलेंडर, ट्रेनिंग कोर्स स्ट्रक्चर, प्रशिक्षण घंटे और वर्क डेज की जानकारी देना होगा.

इस ऑनलाइन पोर्टल में प्रशिक्षण / प्रशिक्षित लोगों की लिस्ट, प्रशिक्षकों की डिटेल्स, ट्रेनिंग के नतीजे, उपलब्ध सुविधाएं, छुट्टियों की सूची, ट्रेनिंग फीस, जैसी सभी जानकारी भी होनी चाहिए.

78 फीसदी सड़क हादसों में ड्राइवरों की गलती

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की साल 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में से 78 प्रतिशत दुर्घटना ड्राइवरों की गलती के कारण होता हैं.

Motor Vehicle Rules, 1989 में पर्याप्त प्रावधान होने के बावजूद भी केंद्र सरकार लगातार इन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आए दिन नया नया नियम बना रही हैं.

जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अच्छे ड्राइविंग स्किल और ज्ञान को सुनिश्चित करने में मदद कर रहा हैं. ये नए नियम भी नए ड्राइवरों को बेहतर ट्रेनिंग देने और साथ ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगा.

Source : PBNS

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