Tuesday, March 2, 2021

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में फिशरीज कोर्स की थ्योरी की पढ़ाई मुजफ्फरपुर में, प्रैक्टिकल मुंबई, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

मुजफ्फरपुर: BRABU के ‘Fisheries’ के छात्र ‘Theory’ तो ‘Muzaffarpur’ में पढ़ते हैं, लेकिन ‘Practical’ करने उन्हें ‘Mumbai’ जाना पड़ता है।

विवि में प्रोसेसिंग यूनिट नहीं:

BRABU में ‘Fisheries’ के प्रैक्टिकल के लिए ‘Processing Unit’ नहीं है,

बता दें कि ‘Fisheries’ की पढ़ाई ‘R.D.S. College, Muzaffarpur’ और ‘P.G. Zoology Department’ में होती है।

‘R.D.S. College, Muzaffarpur’ में स्नातक स्तर की पढ़ाई होती है और ‘P.G. Zoology Department’ में P.G. स्तर की. दोनों जगह छात्रों के ‘Practical’ के लिए ‘Processing Unit’ नहीं है।

इसलिए ‘Practical’ और ‘Job Training’ के लिए हर वर्ष छात्रों को Mumbai, Kolakata और Odisha जाना पड़ता है।

इस ‘Training’ का खर्चा भी छात्र खुद ही उठाते हैं. BRABU या College की ओर से उन्हें कोई राशि नहीं दी जाती है, ‘Fisheries’ पढ़ने वाले छात्रों को स्नातक में हर वर्ष 13 हजार और P.G. में 22 हजार रुपये लगते हैं।

5 वर्ष पहले विवि को भेजा गया था प्रोसेसिंग यूनिट का प्रस्ताव:

Fish and Fisheries पढ़ाने वाली शिक्षक डॉ. ममता ने बताया कि उन्होंने 5 वर्ष पहले BRABU और सरकार को ‘Processing Unit’ खोलने का प्रस्ताव भेजा था।

‘Processing Unit’ खोलने में 50 लाख का खर्च था, लेकिन इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने बताया कि अगर यहां ‘Processing Unit’ खुल जाती, तो छात्रों को ‘Practical’ करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता. इसके अलावा छात्रों को यहां ‘Rojgar’ की भी संभावना जगती।

जूलॉजी विभाग के तालाब में गंदगी, मछली नहीं :

BRABU के ‘P.G. Zoology Department’ में ‘Fisheries’ के छात्रों के लिए एक तालाब है, लेकिन यहां मछली नहीं है,

हालांकि कुछ कर्मचारियों का कहना है कि तालाब में कवई मछली है. इसी पर छात्र ‘Practical’ करते हैं।

वर्ष 2015 में तालाब को ठीक करने के लिए BRABU से 3.50 लाख रुपये मिले थे , लेकिन खर्च एक पैसा भी नहीं हुआ. तालाब के पास ही फिश सीड के लिए टैंक बना था,
जो अब खराब हो चुका है।

स्नातक में 40 व P.G. में 30 सीटों पर होता है दाखिला:

BRABU में ‘Fisheries’ कोर्स में स्नातक स्तर में 40 और P.G. में 30 सीटों पर हर वर्ष दाखिला होता है।

बता दें कि R.D.S. College, Muzaffarpur में 1996 से ‘Fisheries’ की पढ़ाई हो रही है और P.G. में वर्ष 2009 से.

BRABU के छात्र ‘Fisheries’ में M.SC. तो कर लेते हैं, लेकिन P.Hd. करने वह बाहर के BRABU जाते हैं,

BRABU में P.Hd. में ‘Fisheries’ का कोर्स नहीं है, फिशरीज कोर्स में एकमात्र ही नियमित शिक्षक हैं. बाकी रिसोर्स पर्सन से काम चलाया जाता है।

मीन मित्र बनकर मत्स्य उत्पादन की जानकारी दे रहे छात्र:

BRABU से ‘Fisheries’ की पढ़ाई करनेवाले कई छात्र प्रखंडों में मीन मित्र बनकर मत्स्य उत्पादन बेहतर करने के उपाय लोगों को बता रहे हैं।

डॉ ममता ने बताया कि ‘Fisheries’ की पढ़ाई करने वाला एक छात्र आंध्र प्रदेश में शार्क मछली पर रिसर्च कर रहा है।

वहीं P.G. विभाग की एक छात्रा एक्वेरियम के व्यावसासिक महत्व पर रिसर्च कर रही है।

रजिस्ट्रार ने बताया:

BRABU के रजिस्ट्रार प्रो. रामकृष्ण ठाकुर ने बताया कि ‘Fisheries’ के छात्रों को क्या समस्या है, इसकी पड़ताल की जायेगी।

उन्होंने बताया कि ‘Processing Unit’ खोलने के लिए प्रस्ताव बनाया जायेगा और इसे सरकार को भेजा जायेगा. जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।

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