Saturday, April 17, 2021

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में इसी सत्र से शुरू होगी शाही लीची और हाजीपुर के मालभोग केले की मार्केटिंग, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

मुजफ्फरपुर: BRABU के छात्र शाही लीची और हाजीपुर के मालभोग केले की मार्केटिंग सीखेंगे।

बता दें कि BRABU में शुरू हो रहे “MBA Agriculture” में इस विषय को जोड़ा गया है।

इसी सत्र शुरू होगी पढ़ाई:

BRABU में इसी सत्र से MBA के सभी ब्रांच की पढ़ाई शुरू होगी।

BRABU में पहली बार “MBA in Agriculture” का कोर्स शुरू किया गया है।

मैनेजमेंट और कॉमर्स विभाग के डीन ने तैयार किया सिलेबस:

BRABU के “Manage Department” के शिक्षक प्रो. सर्वेश्वर और “Commerce Department” के डीन प्रो मो. एसए मुस्तबा ने “Syllabus” तैयार किया है।

“MBA Agriculture” के सिलेबस के अलावा BBA और BCA का भी “New Syllabus” तैयार किया गया है,

वहीं “New Syllabus” में छात्रों को कृषि आधारित व्यापार करने के बारे में तकनीकी जानकारी दी जायेगी।

हर सेमेस्टर में सीखेंगे कौशल विकास:

“MBA Agriculture” के हर सेमेस्टर में छात्रों को कौशल विकास के बारे में बताया जायेगा।

“Manage Department” के शिक्षक प्रो. सर्वेश्वर ने बताया कि छात्रों को लीची की बागवानी और केले की खेती की नयी तकनीक के बारे में भी बताया जायेगा।

वहीं छात्रों को यह पढ़ाया जायेगा कि लीची व केले खेती और मार्केटिंग के लिए क्या बेहतर इनपुट चाहिए।

वेब डिजाइनिंग से जानेंगे मार्केटिंग के तरीके:

छात्रों को “Marketing” के लिए “Web Designing” का कोर्स भी कराया जायेगा।

प्रो. सर्वेश्वर ने बताया कि आज “Internet” के दौर में सामान की लॉनलाइन मार्केटिंग हो रही है।

इसलिए छात्र अगर अपना “Web Portada” बनायेंगे, तो लीची की मार्केटिंग वह अपने स्तर से कर सकेंगे।

“MBA Agriculture” के कोर्स में “Web Designing” को रखा गया है, इसके अलावा छात्रों को “Entrepreneurship” के बारे में भी पढ़ाया जायेगा।

छात्रों को यह बताया जायेगा कि अभी किस तरह का “Business Environment” है और उन्हें बेहतर “Marketing” के लिए क्या करना होगा।

बगानों में जाकर किसानों से सीखेंगे लीची के उत्पादन का कौशल:

“MBA Agriculture” के छात्रों को लीची के बगान में भी ले जाया जायेगा. इसके अलावा दूसरी फसल वाली खेतों में भी छातर जायेंगे।

बगान और खेतों में जाकर छात्र किसानों से ही उत्पान कौशल सीखेंगे।

इसके बाद वे “Class Room” में आकर उत्पाद की “Marketing” के बारे में पढ़ेंगे।

वहीं छात्रों को पौधों में लगने वाली बीमारियों के इलाज के बारे में भी बताया जायेगा।

प्रो. सर्वेश्वर ने बताया कि छात्रों को लीची अनुसंधान केंद्र में इंटर्नशिप भी करायी जायेगी।

छात्रों को इस कोर्स में ग्रामीण विकास के बारे में भी बताया जायेगा.

सीबीसीएस का तैयार हुआ सिलेबस

“Syllabus” तैयार करने वाले शिक्षक प्रो. सर्वेश्वर ने बताया कि MBA के सभी ब्रांच का सिलेबस CBCS के आधार पर तैयार किया गया है।

वहीं इसमें छात्रों को क्रेडिट दिया जायेगा. छात्रों के व्यक्तित्व विकास भी जोर दिया जायेगा. पर्यावरण (Environment) और कम्युनिकेशन स्किल (Communication Skill) को भी जोड़ा गया है।

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S.K. JAINhttps://nearnews.in/
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