Monday, September 27, 2021

Sarkari Yojana: बिहार में सरकारी स्कूल के बच्चों को कब मिलेगी किताब- पोशाक के पैसे? सरकार ने दिया यह जवाब

बिहार के सरकारी प्रारंभिक स्कूलों में दूसरी कक्षा से लेकर कक्षा 8वीं तक पढ़ने वाले 1 करोड़ 29 लाख 6682 छात्र-छात्राओं को सोमवार के बाद किताब के पैसे मिल जाएंगे.

चौथी तक के प्रत्येक बच्चे को 250 रुपए जबकि 5वीं से आठवीं तक के प्रति विद्यार्थी को 400 रुपए किताबों की खरीद के लिए दिया जाएगा.

पैसे बच्चे या फिर अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा.

शैक्षिक सत्र 2021-22 में दूसरी कक्षा में नामांकित 1.29 करोड़ बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून (RTE Act 2009) के तहत

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नि:शुल्क किताब मुहैया कराने पर शिक्षा विभाग ने 402 करोड़ 71 लाख 15200 रुपए डीबीटी के माध्यम से देने जा रही हैं. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने

16 अगस्त से स्कूल खुलने के साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी एक सप्ताह में किताब क्रय की राशि बच्चों के बैंक खाते में पहुंचाने का आदेश दिया था.

शिक्षा विभाग के डीबीटी कोषांग से मिले जानकारी के अनुसार सोमवार के बाद किसी भी दिन राशि NIC के सहयोग से छात्र या अभिभावकों के बैंक एकाउंट में हस्तांतरित कर दी जाएगी.

इसको लेकर शेष प्रक्रियाएं पूरा किया जा चुका हैं. मौजूदा सत्र के पहली कक्षा में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों को किताब की राशि शिक्षा विभाग दूसरे चरण में देगा.

राशि पहुंचाने के साथ किताबों की उपलब्धता बड़ी चुनौती

शिक्षा विभाग के लिए प्रारंभिक स्कूलों में नामांकित लगभग डेढ़ करोड़ बच्चों को किताब क्रय राशि देने के बाद बच्चों के पास किताब की उपलब्धता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती साबित होने वाला है.

निचले स्तर तक यह व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी कि हर कक्षा की सभी किताबें खरीद के लिए उपलब्ध हों और बच्चे किताबों को खरीदें.

अभिभावक अपने बच्चों के खाते में आये राशि का कहीं और उपयोग न कर लें. शिक्षा मंत्री के आदेश पर Bihar Textbook Publishing Corporation Limited (BTBC) इसको लेकर सक्रिय हो गया.

BTBC के एमडी मनोज कुमार ने बताया कि किताबों की उपलब्धता को लेकर सूचीबद्ध मुद्रकों के साथ एक बैठक किया जा चुका है. उनसे जिलों में उपलब्ध स्टॉक का ब्योरा तलब की गई है.

प्रत्येक जगहों पर किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर यथोचित कार्रवाई भी किया जाएगा

तीन साल से प्रारंभिक स्कूलों के 20 फीसदी बच्चे भी नहीं खरीद रहे किताब

वर्ष 2018 से सरकार प्रारम्भिक स्कूल के बच्चों को नि:शुल्क किताब के बदले DBT से राशि दे रही है.

पहले साल 13, दूसरे साल 19 तो पिछले साल महज सिर्फ 11 फीसदी किताब ही बच्चों द्वारा खरीदी गयी है.

इन तीन साल में DBT से क्रमश: 264.29 करोड़, 500.36 करोड़ 378.64 करोड़ रुपए दिए गए,

इसमें से मुद्रकों द्वारा इन वर्षों में छपी 70.13, 94.20 और 52.69 करोड़ रुपए की ही किताबें बिकीं.

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