Sunday, September 26, 2021

OBC Bill 2021 : संविधान संशोधन से बिहार की इन जातियों की जगी उम्मीद, OBC की लिस्ट में हो सकती हैं शामिल

केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लोकसभा में लाया गया अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित 127th Constitution Amendment Bill पास हो गया हैं.

इससे बिहार की चार पिछड़ी जातियों को बड़ी राहत मिल सकता है. अब इन्हें OBC की लिस्ट (OBC List) में शामिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा.

बिहार में गिरी, जागा, मल्लिक और सूर्यापुरी जातियां ऐसे हैं, जिन्हें नए प्रावधान के अंतर्गत यह उम्मीद जगी है. गिरी और जागा जाति पिछड़ा वर्ग की कैटेगरी में शामिल हैं,

जबकि मल्लिक और सूर्यापुरी जाति को इस कैटेगरी में नहीं रखा गया था. मल्लिक जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में इसे सूची से बाहर कर दिया गया था.

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अदालत ने यह फैसला किया था कि OBC आयोग पिछड़ी जातियों का फैसला करेगी. इससे राज्य सरकार की परेशानी बढ़ गई थी. लंबी प्रक्रिया के कारण इसमे समय लग रहा था.

जदयू ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है. जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा, ‘केंद्र के फैसले का हम स्वागत करते हैं. बिहार सरकार को इसका लंबे समय से इंतजार था.

केंद्र के फैसले से सामाजिक विषमता दूर करने में मदद मिलेगी. OBC की लिस्ट में जातियों को शामिल करने का अधिकार राज्यों को पहले से था. इसे फिर से दिया गया है.’

अरविंद निषाद ने कहा की, ‘केंद्र के फैसले का हम स्वागत करते हैं. Bihar Sarkar को इसका लंबे समय से इंतजार था. केंद्र के फैसले से सामाजिक विषमता दूर करने में मदद मिलेगी. OBC की लिस्ट में जातियों को शामिल करने का अधिकार राज्यों को पहले से ही था. इसे फिर से दिया गया है.’

“केंद्र का फैसला सराहनीय है. बिहार में कुछ जातियां ऐसी हैं जो पिछड़ी जाति में शामिल होने की अहर्ता रखती थी. तकनीकी कारणों के चलते उन्हें वाजिब हक नहीं मिल सकता था. अब उनके लिए राहें आसान हो गईं हैं.”- प्रेम रंजन पटेल, प्रवक्ता, भाजपा

“केंद्र सरकार ऐसे संशोधन लाने के बजाय जातिगत जनगणना करा ले. सभी समस्या का समाधान हो जाएगा. यह भी पता चल जाएगा कि किसको क्या जरूरत है.” शक्ति यादव, प्रवक्ता, राजद

“केंद्र सरकार की पहल से राज्यों के लिए राहें आसान हो जाएंगी. राज्य जरूरतमंदों के हिसाब से उनके कल्याण के लिए सूची बना पाएगी और उनकी बेहतरी हो सकेगी.”- डॉ संजय कुमार, समाजसेवी

बता दें कि जातियों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने का अधिकार पहले भी राज्यों के पास ही था. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद यह अधिकार राज्यों के पास से छिन गया था.

बिहार में 144 जातियां OBC के अंतर्गत आती हैं, इनमें 113 जातियां अति पिछड़ा वर्ग और 31 जातियां पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आती हैं.

बिहार में अति पिछड़ा वर्ग आयोग और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए राज्य आयोग वर्तमान में सक्रिय नहीं है. इसका पुनर्गठन नहीं किया गया है.

अति पिछड़ा वर्ग आयोग अति पिछड़ी जातियों से जुड़ी मामलों पर कार्रवाई करती हैं, जबकि अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए राज्य आयोग के तहत पिछड़ी जातियों से जुड़े मामलों पर कार्रवाई किया जाता है.

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