Saturday, September 25, 2021

नौकरी लगते ही प्रेमी ने मारी पलटी तो प्रेमिका पहुंची थाने, पुलिस ने कराई शादी

कहते हैं कि मोहब्बत में धोखा का कोई स्थान नहीं होता. लेकिन अगर प्रेमी- प्रेमिका (Boyfriend Girlfriend) में से कोई एक धोखा देने की सोचे तो दूसरा पीछे हटना नहीं चाहता.

बिहार के Rohtas जिले के दरिहट से कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया हैं. दरीहट के पडूहार गांव की रहने वाली प्रियंका कुमारी का टंडवा गांव अभयकांत से पिछले करीब 8 सालों से प्रेम संबंध (love affair) चल था. उन दोनों के बीच शारीरिक संबंध (Physical Relationship) भी बन चुके थे.

लेकिन मामला तब बिगड़ गया जब अभयकांत की Railway में Naukri लग गई. और अब उसके परिवार के लोगों को अभयकांत से कई उम्मीदें जुड़ गईं.

वह अपने बेटे की शादी (Marriage) अपनी ही बिरादरी की लड़की से धूमधाम से करवाना चाहते थे. लेकिन अभयकांत का दिलों – दिमाग प्रियंका पर अटका हुआ था.

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दोनों ने चुपके से मंदिर में जाकर शादी कर ली और मध्य प्रदेश के कटनी में रेलवे क्वार्टर (railway quarter) में खुशी-खुशी रहने लगे. यंग मामला जब अभयकांत के परिवार वालों तक पहुंची तो हंगामा हो गया.

नाराज परिजनों ने उन दोनों को अलग कर दिया. अभयकांत के पिता विश्वनाथ चौधरी अपने बेटे की शादी अपनी ही बिरादरी में तय कर दी.

थानाध्यक्ष ने कन्यादान किया

इधर, जैसे ही इस बात की जानकारी प्रियंका को हुई वह डिहरी के महिला थाने जा पहुंच गई. पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच की. परिवार वालो को बुला थाने में पहले तो समझाने की कोशिश हुई,

लेकिन जब परिवार राजी नहीं हुआ, तो अभयकांत को पुलिस ने थाने पर बुलाया. वहां अभयकांत ने प्रियंका से इश्क मोहब्बत की बात कबूल की और उसके साथ ही शादी करने की अपनी इच्छा जताई.

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इसके बाद पुलिस ने थाने पर ही उन दोनों की शादी (Marriage) का आयोजन किया. थानाध्यक्ष खुद ही बाकायदा उनका कन्यादान किया.

बेटी की तरह अपने थाने से विदाई दी

महिला थाना थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने इस पूरी कानूनी प्रक्रिया (legal process) अपनाते हुए थाने पर ही दोनों की अंतरजातीय शादी (interracial marriage) करवाने की योजना बनाई.

इस दौरान लड़के और लड़की पक्ष के कुछ रिश्तेदार बुलाए गए. शादी के जरूरी सामानों की खरीदारी किया गया. डिहरी के ही कई सामाजिक कार्यकर्ता इसमें बाराती बने.

वहीं, महिला थाना की पुलिसकर्मी उन बारातियों का स्वागत करने के लिए गेट पर खड़ी रहीं. पुलिस की मौजूदगी में ही पंडित जी बुलाया गया

और मंत्र उच्चारण के बीच प्रियंका और अभयकांत परिणय सूत्र में बंध गए. महिला थानाध्यक्ष खुद से ही दुल्हन बनी प्रियंका का कन्यादान किया और पूरी विधि-विधान के साथ बेटी की तरह उसे विदाई दी.

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