Tuesday, May 18, 2021

बिहार विद्युत अधिनियम में संशोधन, अब शिकायत मिलने के 24 घंटे में बदला जाएगा बिजली मीटर

बिहार के बिजली उपभोक्ताओं (Electricity Consumers) का मीटर अब तय समय में बदले जाएंगे. शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण इलाके में 72 घंटे के भीतर मीटर (Power Meter) बदल दिया जाएगा.

अभी यह व्यवस्था Transfer के मामले में लागू है. मीटर (Power Meter) बदलने के लिए सरकार ने विद्युत अधिनियम (Electricity Act) में संशोधन किया है.

नए नियम के अनुसार बिजली मीटर (Power Meter) बदलने के लिए विनियामक आयोग समय तय करेगा. लेकिन इसमें यह साफ कहा गया हैं कि शहरी क्षेत्र के लिए यह समय 24 घंटे से अधिक नहीं हो.

इसी तरह नए नियम में यह प्रावधान (Provision) किया गया है कि ग्रामीण इलाके के लिए भी विनियामक आयोग (Regulatory Commission) समय तय करे.

लेकिन ग्रामीण इलाकों के लिए भी विनियामक आयोग अधिकतम (Regulatory Commission Act) 72 घंटे का तय समय देगी.

बिहार की डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों नॉर्थ व साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (North and South Bihar Power Distribution Company Limited) को इन आदेशों का अनिवार्य तौर पर पालन करना होगा.

मीटर तभी बदले जाएंगे जब उपभोक्ता की ओर से इसकी विधिवत शिकायत किया गया हो. या, कंपनी के अधिकारी निरीक्षण में जब यह पाएंगे कि मीटर खराब है तो फिर मीटर को बदल दिया जाएगा.

अगर प्रारम्भिक जांच में यह पाया जाएगा कि मीटर (Power Meter) जला हुआ है या खराब है तो उसे बदल दिया जाएगा.

कंपनी अपने खर्चे से तय समय के भीतर मीटर (Power Meter) लगाएगी ताकि उपभोक्ताओं की बिजली अविलंब चालू हो सके.

इस मद में तत्काल मीटर (Power Meter) का पैसा नहीं लिया जाएगा. कंपनी मासिक किस्त में उपभोक्ताओं से मीटर (Power Meter) का पैसा वसूलेगा.

मीटर (Power Meter) लगने के बाद जांच में अगर यह पाया जाएगा कि उपभोक्ताओं की गलती से मीटर (Electric Meter) जला है, या उसके साथ छेड़छाड़ किया गया है तो ऐसे लोगों पर जुर्माने भी लगाए जाएंगे.

मीटर नही रहने का बहाना नही चलेगा

मीटर (Electric Meter) अनुपलब्ध रहने का बहाना नहीं चलेगा. तय समय में मीटर (Electric Meter) बदलने की अनिवार्यता की गई है. कंपनी को किसी भी सूरत में मीटर (Electric Meter) बदलना ही होगा.

यही नहीं, अगर मीटर (Electric Meter) उपभोक्ताओं के परिसर के भीतर लगा हैं और वह चोरी हो जाएगी तो ऐसी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को मीटर (Electric Meter) का पैसा देना होगा.

जबकि उपभोक्ता परिसर से बाहर मीटर (Electric Meter) लगने की स्थिति में अगर चोरी हो गया तो इसके लिए बिजली कंपनी (Electric Company) जिम्मेवार होगा.

गौरतलब है कि बिहार में अभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Smart Prepaid Meter) भी पटना सहित चुनिंदा दो दर्जन शहरों में लगाया जा रहा हैं.

चरणवार तरीके से बिहार के सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Smart Prepaid Meter) लगाए जाने हैं.

वहीं, मौजूदा समय में किसी उपभोक्ता का मीटर जल जाने के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीटर (Electronic Meter) ही लगाए जा रहे हैं.

अधिकारियों के अनुसार कंपनी के पास अभी पर्याप्त मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक मीटर (Electronic Meter) उपलब्ध है और तय समय में इसे बदलने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी.

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