Friday, July 12, 2024
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Bihar Property Rules : बिहार में आधार और मोबाइल से जुड़ेंगे जमीन -मकान, राजस्व कर्मचारी की लगी ड्यूटी

Bihar Property Rules : अगर आप बिहार के रहने वाले हैं तो हमारा यह लेख आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा क्योंकि हम आप सभी को बता दे कि, बिहार के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से जमीन व फ्लैट आदि की खरीद-बिक्री के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य (Mandatory) हो चुका है।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (Registration Department) के अपर मुख्य सचिव KK Pathak के निर्देश के बाद सभी जिलों में यह आदेश जारी किए गए है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन-फ्लैट की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े नहीं होगा। साथ ही किसी व्यक्ति के नाम पर कितने जमीन-मकान है, यह छुप नहीं पाएगा। Aadhaar Number के जरिए सरकार के पास पूरा डाटा होगा।

अब कागजी मालिकाना हक रखने वाले (जमाबंदी कायम) व्यक्ति के आधार और मोबाइल नंबर से शहर से गांव तक के जितने जमीन के प्लाॅट व मकान हैं। यह लिंक होगा. भूमि एवं राजस्व विभाग के निर्देश के बाद तेजी से राज्य के विभिन्न जिलों में इसका काम शुरू हो गया है।

Bihar property rules

लिंकिंग के लिए राजस्व कर्मचारी की लगी ड्यूटी

अंचल व राजस्व ग्राम स्तर पर Property का मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति का Aadhar card की फोटो कॉपी व मोबाइल नंबर लेकर लिंक करने की इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। इसके लिए राजस्व कर्मचारी (Revenue Staff) की ड्यूटी लगायी गयी है।

घर बैठे वेबसाइट मिलेगी पूरी जानकारी

दूसरी ओर, शहरी क्षेत्र में नगर निगम भी Property Tax Online करने के साथ Property का मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति का मोबाइल व आधार नंबर को लिंक कर रहा है. ताकि, घर बैठे लोग अपने Property की जानकारी नगर निगम के Website से प्राप्त कर सकते हैं। Tax बकाया से Property का मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी मिनटों में पता चल जाएगी।Tax

बिना सहमति कोई नहीं कर सकेगा खरीद-बिक्री

अब कोई भी व्यक्ति सरकार के इस फैसले के बाद मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति की सहमति के बिना जमीन की ना तो Registry करा सकता है और ना ही अंचल स्तर पर इसका जमाबंदी ही कायम होगा। बताया जा रहा हैं कि, आने वाले समय में जमीन की खरीद-बिक्री व जमाबंदी में जो फर्जीवाड़ा होता है। इस पर लगाम लगेगी।

हम आप सभी को बता दे की, जमीन व मकान की Registry में पहले ही राज्य सरकार आधार व मोबाइल नंबर को अनिवार्य कर चुकी है। बीते एक साल से जितनी भी जमीन व मकान की Registry के लिए दस्तावेज तैयार होता है।

इसमें आधार और मोबाइल नंबर जरूर दर्ज होती है। आधार व मोबाइल नंबर के बिना कोई भी जमीन व मकान की Registry होती है। इससे Income Tax छिपाने की कोशिश करने वाले कई लोग पकड़े गए हैं।

मृत व्यक्ति के नाम जमाबंदी उनके उत्तराधिकारी के आधार से होगा लिंक

हम आप सभी को बता दे कि, जमाबंदी पंजी को आधार कार्ड से लिंक करने में परेशानी इस बात की है कि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे जमाबंदी उपलब्ध है, जिसके रैयत की मृत्यु हो चुकी है। लेकिन, मालगुजारी रसीद भी अभी उन्हीं के नाम पर कटता है।

ऐसी परिस्थिति में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उस जमाबंदी खाताधारक की पंजी को उसके Successor के आधार से लिंक करना है। बशर्तें, सही Successor हैं या नहीं. इसकी जांच की जिम्मेदारी CO को सौंपी गयी है।

लिंकिंग के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा तीन सुविधाएं लागू

जमीन की जमाबंदी को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Land Reforms Department) की ओर से एक साथ तीन सुविधाएं लागू की जा रही हैं। इनमें राजस्व कर्मचारी मोबाइल एप, जमाबंदी को हिंदी, उर्दू और मैथिली सहित 22 भाषाओं में देखे जाने की सुविधा और सभी जमाबंदियों की स्वैच्छिक आधार पर मोबाइल व आधार नंबर सीडिंग अभियान शामिल है।

पारदर्शिता के साथ कार्यों में आयेगी तेजी

विभाग द्वारा विकसित की जा रही सुविधाओं में से एक राजस्व कर्मचारी Mobile App है, इसके जरिये राजस्व कर्मचारियों के कार्यों की Online Monitoring की जायेगी। यह पहल विभाग की गतिविधियों को पारदर्शी बनाने के लिए की जा रही है। इससे काम में तेजी आयेगी। इस Mobile App के जरिये जमाबंदी से जुड़े सभी तरह के काम Online किये जा सकेंगे

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

इस तरह सभी जमाबंदी स्वैच्छिक आधार पर मोबाइल व आधार नंबर से जोड़ी जायेगी। जमाबंदी रैयत के स्वैच्छिक रूप से आधार, मोबाइल नंबर से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि की जायेगी। इससे जमाबंदी के लिए अब कोई फर्जीवाड़ा नहीं होगा। पूरी पारदर्शिता के साथ रैयती जमीन की जमाबंदी होने की उम्मीद बढ़ गयी है

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Tanisha Mishra
Tanisha Mishra
तनीषा मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2021 में नियर न्यूज़ वेब पोर्टल समूह के नियरन्यूज.कॉम से की। यहां उन्होंने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, बिजनेस पर काम किया। साथ ही पत्रकारिता के मूलभूत और जरूरी विषयों पर अपनी पकड़ बनाई। इसके बाद वह 2024 में नियर न्यूज से जुड़ीं। वर्तमान में वह शिक्षा, रोजगार, लाइफ स्टाइल और करियर से संबंधित खबरें nearnews.in पर लिखती हैं। उन्हें घूमने का शौक है। इन्हें [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।

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Bihar Property Rules : अगर आप बिहार के रहने वाले हैं तो हमारा यह लेख आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा क्योंकि हम आप सभी को बता दे कि, बिहार के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से जमीन व फ्लैट आदि की खरीद-बिक्री के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य (Mandatory) हो चुका है।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (Registration Department) के अपर मुख्य सचिव KK Pathak के निर्देश के बाद सभी जिलों में यह आदेश जारी किए गए है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन-फ्लैट की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े नहीं होगा। साथ ही किसी व्यक्ति के नाम पर कितने जमीन-मकान है, यह छुप नहीं पाएगा। Aadhaar Number के जरिए सरकार के पास पूरा डाटा होगा।

अब कागजी मालिकाना हक रखने वाले (जमाबंदी कायम) व्यक्ति के आधार और मोबाइल नंबर से शहर से गांव तक के जितने जमीन के प्लाॅट व मकान हैं। यह लिंक होगा. भूमि एवं राजस्व विभाग के निर्देश के बाद तेजी से राज्य के विभिन्न जिलों में इसका काम शुरू हो गया है।

Bihar property rules

लिंकिंग के लिए राजस्व कर्मचारी की लगी ड्यूटी

अंचल व राजस्व ग्राम स्तर पर Property का मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति का Aadhar card की फोटो कॉपी व मोबाइल नंबर लेकर लिंक करने की इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। इसके लिए राजस्व कर्मचारी (Revenue Staff) की ड्यूटी लगायी गयी है।

घर बैठे वेबसाइट मिलेगी पूरी जानकारी

दूसरी ओर, शहरी क्षेत्र में नगर निगम भी Property Tax Online करने के साथ Property का मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति का मोबाइल व आधार नंबर को लिंक कर रहा है. ताकि, घर बैठे लोग अपने Property की जानकारी नगर निगम के Website से प्राप्त कर सकते हैं। Tax बकाया से Property का मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी मिनटों में पता चल जाएगी।Tax

बिना सहमति कोई नहीं कर सकेगा खरीद-बिक्री

अब कोई भी व्यक्ति सरकार के इस फैसले के बाद मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति की सहमति के बिना जमीन की ना तो Registry करा सकता है और ना ही अंचल स्तर पर इसका जमाबंदी ही कायम होगा। बताया जा रहा हैं कि, आने वाले समय में जमीन की खरीद-बिक्री व जमाबंदी में जो फर्जीवाड़ा होता है। इस पर लगाम लगेगी।

हम आप सभी को बता दे की, जमीन व मकान की Registry में पहले ही राज्य सरकार आधार व मोबाइल नंबर को अनिवार्य कर चुकी है। बीते एक साल से जितनी भी जमीन व मकान की Registry के लिए दस्तावेज तैयार होता है।

इसमें आधार और मोबाइल नंबर जरूर दर्ज होती है। आधार व मोबाइल नंबर के बिना कोई भी जमीन व मकान की Registry होती है। इससे Income Tax छिपाने की कोशिश करने वाले कई लोग पकड़े गए हैं।

मृत व्यक्ति के नाम जमाबंदी उनके उत्तराधिकारी के आधार से होगा लिंक

हम आप सभी को बता दे कि, जमाबंदी पंजी को आधार कार्ड से लिंक करने में परेशानी इस बात की है कि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे जमाबंदी उपलब्ध है, जिसके रैयत की मृत्यु हो चुकी है। लेकिन, मालगुजारी रसीद भी अभी उन्हीं के नाम पर कटता है।

ऐसी परिस्थिति में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उस जमाबंदी खाताधारक की पंजी को उसके Successor के आधार से लिंक करना है। बशर्तें, सही Successor हैं या नहीं. इसकी जांच की जिम्मेदारी CO को सौंपी गयी है।

लिंकिंग के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा तीन सुविधाएं लागू

जमीन की जमाबंदी को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Land Reforms Department) की ओर से एक साथ तीन सुविधाएं लागू की जा रही हैं। इनमें राजस्व कर्मचारी मोबाइल एप, जमाबंदी को हिंदी, उर्दू और मैथिली सहित 22 भाषाओं में देखे जाने की सुविधा और सभी जमाबंदियों की स्वैच्छिक आधार पर मोबाइल व आधार नंबर सीडिंग अभियान शामिल है।

पारदर्शिता के साथ कार्यों में आयेगी तेजी

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फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

इस तरह सभी जमाबंदी स्वैच्छिक आधार पर मोबाइल व आधार नंबर से जोड़ी जायेगी। जमाबंदी रैयत के स्वैच्छिक रूप से आधार, मोबाइल नंबर से संबंधित आंकड़ों की प्रविष्टि की जायेगी। इससे जमाबंदी के लिए अब कोई फर्जीवाड़ा नहीं होगा। पूरी पारदर्शिता के साथ रैयती जमीन की जमाबंदी होने की उम्मीद बढ़ गयी है

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