Friday, June 25, 2021

Mother’s Day 2021 : जानें, ‘मदर्स डे क्यों मनाया जाता है और क्या है इसके ऐतिहासिक महत्व

Mother’s Day 2021 : भगवान सभी जगह नहीं रह सकते इसीलिए उन्होंने मां को बनाया। इस दुनिया में केवल एक मां ही होती है जो बिना किसी शर्त के अपने बच्चों से प्यार करती है।

एक मां अपने बच्चों के परवरिश और परिवार के देखभाल में अपने जीवन का एक अहम हिस्सा लगा देती है। इन्हीं मांओं के सम्मान में हम हर साल मदर्स डे मनाते हैं।

भारत में यह प्रत्येक साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। मतलब इस वर्ष भारत में मई महीने के 9 तारीख को Mother’s Day मनाया जाएगा.

हमारे देश में Mother’s Day मई माह के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इसे मदरिंग संडे (ईसाई त्योहार) के नाम से भी जाना जाता है।

यह दिन ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा,न्यूजीलैंड, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और अन्य यूरोपीय देशों में भी मनाया जाता है। लेकिन यह अपवाद है कि कुछ यूरोपीय व अरब देशों में यह मार्च महीने में ही मनाया जाता है।

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Mother’s Day 2021- क्यों मनाया जाता है मदर्स डे? Mother’s Day kyo mnaya jaata hai?

बताया जाता हैं की इसकी शुरुआत एक अमेरिकी महिला एना जार्विस ने 20वीं शताब्दी में की थी, जो कभी मां ही नहीं बन पाई थी। इनका जन्म 1864 में हुआ था।

जब ये 12 वर्ष की थी, तो इन्होंने अपनी मां एन मैरी जार्विस को प्रार्थना करते सुना कि उसे उम्मीद है जीवन के हर क्षेत्र में मानवता की सेवा करनेवाली माताओं के लिए कोई न कोई स्मरण दिवस अवश्य शुरू करेगी।

एना जार्विस अपने माँ की प्रार्थना को नहीं भूली। एना जार्विस वेस्ट वर्जीनिया में रहती थी वह वहीं के चर्चों में Mothers Day Work Club का गठन किया।

अमेरिका में जब गृहयुद्ध हुआ उसके बाद उन्होंने नागरिकों और अलग- अलग तरह के राजनीतिक मान्यताओं के सैनिकों को एक साथ लाने के लिए Mothers Friendship Day का आयोजन किया।

इसे कई वर्षो तक दोस्ती एवं शांति को बढ़ावा देने का एक वार्षिक कार्य क्रम की तरह बन गया।

एना जार्विस की माँ “एन मैरी” की मृत्यु 1907 में हो गई. माँ की मृत्यु के दो साल बाद उनकी बेटी एना जार्विस ने Mothers Day की स्थापना के लिए एक आक्रामक अभियान की शुरुआत की।

कुछ ही सालों में उन्हें इसकी सफलता भी मिली और यह अमेरिका में आधिकारिक अवकाश बन गया।

1872 में जब एना केवल 8 साल की थी तब एक और अन्य अमेरिकी महिला ने Mothers Day की पहल की थी। ये व्यक्ति लेखक, कवि, संपादक और राजनीतिक कार्यक्रता जूलिया वार्ड हावे थे।

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बताया जाता है की इन्होंने 2 जून को मदर्स डे मनाने का प्रस्ताव रखा था परंतु वह असफलहो गया।

परंतु 1870 में इनके द्वारा लिखी गई ‘ Appeal to womanhood throughout the world ‘ के माध्यम से आंशिक रूप से सफल रहे।

इसे अमेरिका के लंबे व खूनी गृहयुद्ध के प्रतिक्रिया के स्वरूप ” मातृदिवस उद्घोषणा ” के रूप में अमेरिका में जाना जाने लगा।

अमेरिकी महिला एना जार्विस ने अपनी मां के लिए 1908 में ग्राफ्टेन , वेस्ट वर्जीनिया में एक स्मारक का आयोजन किया।

बताया जाता है की शुरुआत में इस दिन को अवकाश के रूप में मनाने से इंकार कर दिया गया था परंतु ऐना जार्विस हार नहीं मानते हुए अपनी प्रयासों मेंडटीं रही और अंततः उनके प्रयासों के कारण ही 1911 तक अमेरिका के सभी राज्यों ने मातृ दिवस की छुट्टी का पालन करना शुरू कर दिया।

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असल मायने में एना जार्विस को सफलता तब मिली जब अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने 1914 में माताओ को सम्मानित करने के उद्धेश्य से इसे राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाने की घोषणा किये

और उन्होंने एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर May माह के दूसरे रविवार को मातृत्व दिवस को मनाए जाने की घोषणा किया । इस प्रकार से मदर्स डे मनाने का सिलसिला शुरू हो गया ।

कैसे मनाया जाता है यह दिवस ? kaise manaya jata hai mothers day ?

अधिकांश लोग इस दिन अपनी मां को कार्ड, गिफ्ट्स, केक आदि देकर उनके प्रति अपना प्यार दिखाते हैं। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, चीन,जापान,मैक्सिको, डेनमार्क, इटली, फिनलैंड आदि देशों में यह दिन काफी धूमधाम से मनाया जाता हैं।

इस साल मदर्स डे के 100 साल. पूरे हो रहे हैं। मां हमारे जीवन की वह शख्स होती है जिसके बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते।

यह दिन हैं अपनी मां के त्याग को समझने का, उन्हें सम्मानित करने का। किस प्रकार एक मां अपना सारा जीवन अपने बच्चे के लिए न्योछावर कर देती है।

दोस्तों, मां का हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है। उनका स्थान कोई नहीं ले सकता। वे हमारी प्रथम शिक्षका होती है। वे हमें जीवन पथ पर चलना और अच्छा व जिम्मेदार इंसान बनना सिखाती है।

Mothers day kyo Manaya jata hai – इस आर्टिकल को हाजीपुर की रहने वाली ग्रेजुएशन की छात्रा Beauty Kumari भेजीं हैं, उम्मीद हैं आपको यह ज्ञानवर्धक जानकारी पसंद आई होगी.

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